राजस्थान के वन संसाधन

राजस्थान में वन संपदा


राजस्थान के वन संसाधनः एक परिचय

  • भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून अनुसार 23°40' एवं 30°11' उत्तरी अक्षांश तथा 69°29' एवं 78°17' पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित 3,42,239 वर्ग किमी भौगोलिक क्षेत्रफल पर विस्तृत राजस्थान, क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। 
  • राज्य के भौगोलिक क्षेत्रफल के 9.60 प्रतिशत भू-भाग पर वन क्षेत्र है तथा अभिलेखित वन क्षेत्र की दृष्टि से 15वें स्थान पर है। 
  • राज्य का उत्तरी-पश्चिमी भाग मरूस्थलीय या अर्द्धमरूस्थलीय है, जो कुल क्षेत्रफल का लगभग 61 प्रतिशत है। राज्य के लगभग 30 प्रतिशत क्षेत्र पर अरावली पर्वत श्रृंखलाएं यत्र-तत्र विद्यमान है। अरावली पर्वत श्रृंखला राज्य के मरूस्थलीय एवं गैर मरूस्थलीय भागों को अलग करती है।

वैधानिक दृष्टि से राज्य में वनों की स्थिति

  • प्रदेश में कुल अभिलेखित वन क्षेत्र (Recorded Forest Area) 32862.50 वर्ग किमी है। राजस्थान वन अधिनियम 1953 के प्रावधानों के अनुरूप वैधानिक दृष्टि से आरक्षित वन (Reserve Forest) का क्षेत्रफल 12176.24 वर्ग किमी. है, जो प्रतिशत कुल वन क्षेत्र का 37.05 प्रतिशत है। 
  • रक्षित वन (Protected Forest) का क्षेत्रफल 18543.22 वर्ग किमी. है, जो प्रतिशत कुल वन क्षेत्र का 56.43 प्रतिशत है। 
  • अवर्गीकृत वन (Unclassed Forest) का क्षेत्रफल 2143.04 वर्ग किमी. है, जो प्रतिशत कुल वन क्षेत्र का 6.52 प्रतिशत है।

 

भारत वन स्थिति रिपोर्ट- 2019

  • देहरादून स्थित भारतीय वन सर्वेक्षण (Forest Survey of India) द्वारा वन एवं वन संसाधनों के आकलन के लिये 1987 से प्रत्येक दो वर्ष पर सुदूर संवेदन (Remote Sensing) आधारित उपग्रह चित्रण के माध्यम से देश में वनों एवं वृक्षों की स्थिति पर भारत वन स्थिति रिपोर्ट जारी की जाती है। 
  • इसी क्रम में भारतीय दूर-संवेदी उपग्रह (IRS Resourcesat-2 LISS II Satellite) से मुख्यतः माह अक्टूबर से दिसम्बर, 2017 की अवधि में प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किया जाकर भारत वन स्थिति रिपोर्ट (India State of Forest Report) 2019 जारी की गई जो इस श्रृंखला रिपोर्ट है।


    राजस्थान राज्य में जिलेवार वन क्षेत्र का वर्गीकरण (क्षेत्रफल वर्ग किमी में) 31 दिसंबर, 2020 की स्थिति अनुसार

क्रम संख्या

जिला

कुल वन भूमि (क्षेत्रफल वर्ग किमी में)

1.

उदयपुर

4161.92

2.

बारां

2248.84

3.

करौली

1810.05

4.

चित्तौड़गढ़

1788.61

5.

अलवर

1784.66

6.

प्रतापगढ़

1666.92

7.

सिरोही

1642.08

8.

बूंदी

1567.86

9.

कोटा

1367.59

10.

झालावाड़

1286.72

11.

बीकानेर

1250.67

12.

बांसवाड़ा

1007.00

13.

सवाई माधोपुर

975.00

14.

पाली

963.58

15.

जयपुर

941.85

16.

भीलवाड़ा

779.06

17.

डूंगरपुर

693.30

18.

धौलपुर

649.68

19.

सीकर

641.54

20.

श्रीगंगानगर

633.44

21.

बाड़मेर

625.98

22.

अजमेर

618.57

23.

जैसलमेर

582.01

24.

जालौर

511.44

25.

भरतपुर

434.94

26.

झुंझुनूं

405.36

27.

राजसमंद

401.58

28.

टोंक

336.94

29.

दौसा

284.59

30.

जोधपुर

245.13

31.

नागौर

242.40

32.

हनुमानगढ़

239.46

33.

चूरू

073.73

राजस्थान में वन विभाग एक नजर में

  • राजस्थान का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल :3,42,239 वर्ग किमी.
  • प्रदेश का कुल वन क्षेत्र : 32,862.50 वर्ग किमी.
  • कुल भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत वन क्षेत्र: 9.60%
  • प्रदेश का कुल वनावरण : 16,630 वर्ग किमी.
  • वृक्षावरण : 8,112 वर्ग किमी.
  • वनावरण एवं वृक्षावरण : 24,742 वर्ग किमी.
  • राज्य पशु : चिंकारा एवं ऊंट
  • राज्य पक्षी : गोडावण
  • राज्य वृक्ष : खेजड़ी
  • राज्य पुष्प : रोहिड़ा
  • राष्ट्रीय उद्यान : 3
  • वन्यजीव अभयारण्य : 27
  • कंजर्वेशन रिजर्व : 14
  • बाघ परियोजनाएं : 3 ( रणथम्भौर, सरिस्का एवं मुकन्दरा हिल्स)
  • रामसर स्थल : 2 (केवलादेव नेशनल पार्क एवं सांभर झील)
  • कुल प्रादेशिक मण्डल : 38
  • वन्यजीव मण्डल : 16

राजस्थान के प्रमुख रिजर्व क्षेत्र 

राष्ट्रीय पार्क

1. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान — सवाई माधोपुर 282.03 वर्ग किमी
2. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान — भरतपुर, 28.73 वर्ग किमी
3. मुकन्दरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान— कोटा, चित्तौड़गढ़ 199.55

वाइल्डलाइफ सेंचुरी Sanctuary

1. सरिस्का अभयारण्य, अलवर 491.99
2. सरिस्का 'ए' अभयारण्य, अलवर 3.01
3. दर्रा अभयारण्य, कोटा झालावाड़ 227.64 किमी
4. जवाहर सागर अभयारण्य, कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ 194.60
5. जयसमंद अभयारण्य, उदयपुर 52.34
6. फुलवारी की नाल अभयारण्य, उदयपुर 511.41
7. सज्जनगढ़ अभयारण्य उदयपुर 5.19
8. सीतामाता अभयारण्य उदयपुर, चित्तौड़गढ़  
9. माउंट आबू अभयारण्य, सिरोही 326.10
10. तालछापर अभयारण्य, चुरू 7.19 
11. राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य कोटा, बूंदी, सवाईमाधोपुर, करोली, धौलपुर 564.03 किमी
12. नाहरगढ़ अभयारण्य जयपुर 52.40 किमी
13. जम्वा रामगढ़ अभयारण्य जयपुर 300 किमी
14. राष्ट्रीय मरु उद्यान अभयारण्य, जैसलमेर, बाड़मेर 3162 किमी
15. रामगढ़ विषधारी अभयारण्य, बूंदी 303.05 किमी
16. कैलादेवी अभयारण्य करौली, सवाईमाधोपुर 676.82 किमी
17. शेरगढ़ अभयारण्य बारां, 81.67 किमी
18. टॉडगढ़ रावली अभयारण्य राजसमंद, अजमेर, पाली 495.27 किमी
19. कुम्भलगढ़ अभयारण्य राजसमंद, उदयपुर, पाली 610.52 किमी
20. सवाईमानसिंह अभयारण्य सवाई माधोपुर 113.07 किमी
21. सवाईमाधोपुर अभयारण्य सवाई माधोपुर 113.30 किमी
22. भैंसरोडगढ़ अभयारण्य चित्तौड़गढ़ 201.40 
23. बस्सी अभयारण्य  चित्तौड़गढ़ 138.69
24. वन विहार अभयारण्य धौलपुर 25.60
25. रामसागर अभयारण्य धौलपुर 34.40 
26. केसरबाग अभयारण्य धौलपुर 14.76
27. बंद बारेठा अभयारण्य भरतुपर 199.24 किमी

राजस्थान में राष्ट्रीय उद्यान (510.31 वर्ग किमी) और अभयारण्य का कुल 9015.79 वर्ग किलोमीटर है।

तेन्दू पत्ता व्यापार

  • राजस्थान राज्य के वन उत्पादों में तेन्दू पत्ता लघु वन उपज, आय प्राप्ति का प्रमुख स्त्रोत है। 
  • तेन्दू के वृक्षों से प्राप्त पत्तों से बीड़ी बनाने का कार्य किया जाता है। 
  • तेन्दू के वृक्ष ज्यादातर झालावाड़, बारां, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर जिलों के वन क्षेत्रों में पाये जाते हैं, किन्तु अल्प संख्या में ये बूंदी, सिरोही, भीलवाड़ा, पाली, अलवर एवं धौलपुर जिलों के वन क्षेत्रों में भी पाये जाते हैं। 
  • राजस्थान राज्य में वर्ष 1974 में राजस्थान तेन्दू पत्ता (व्यापार का विनियमन) अधिनियम 1974 पारित कर किया गया। 
  • राष्ट्रीयकरण के मुख्य उद्देश्य विभिन्न संग्रहण एजेन्सियों को समाप्त कर व्यापार पर राज्य सरकार का नियंत्रण स्थापित करना, श्रमिकों को ठेकेदारों के शोषण से मुक्ति दिलवानाख् तेन्दू वृक्षों में वैज्ञानिक रूप से कर्षण कार्य व अन्य सुधार कार्य करवाये जाकर पत्ते की किस्म में सुधार लाना एवं राज्य के राजस्व में वृद्धि करना था।

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