राजस्थान में सामाजिक कुरीतियों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

 

राजस्थान में किस राज्य ने कन्या वध को सबसे पहले गैर कानूनी घोषित किया था?

राजस्थान में किस राज्य ने कन्या वध को सबसे पहले गैर कानूनी घोषित किया था?

अ. बूंदी

ब. मेवाड़

स. कोटा

द. आमेर

उत्तर— स

प्रदेश में सर्वप्रथम कोटा राज्य ने कन्या वध को 1833 ई. में गैर कानूनी घोषित कर रोक लगाई।


त्याग प्रथा है?

अ. राजाओं, सामंतों व जागीरदारों द्वारा अपनी जनता को बिना पारिश्रमिक या कम मजदूरी देकर काम करवाना

ब. राजपूत जाति में विवाह के समय चारण, भाट, ढोली आदि लड़की वालों से मुंह मांगी दान—दक्षिणा 

स. राजा—महाराजाओं व जागीरदारों द्वारा अपनी लड़की के विवाह में दहेज के साथ कुंवारी कन्याएं देना

द. शादी होने पर युवती को अपनी चारित्रिक पवित्रता की परीक्षा देना

उत्तर— ब


बेगार विरोधी अधिनियम — 1961 में पारित

बंधुआ मजदूर प्रथा या सागड़ी प्रथा इसे हाली प्रथा भी कहते हैं। इसे 1961 सागड़ी निवारण ​अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया गया है। 

शादी होने पर युवती को अपनी चारित्रिक पवित्रता की परीक्षा देना कूकड़ी की रस्म कहलाती है, जो सांसी जनजाति में प्रचलित है।  


वाल्टर कृत राजपूत हितकारिणी सभा


स्थापना: 1888—89 ई. में राजपूताना का एजीजी वाल्टर ने की।

10 मार्च, 1888 में अजमेर में भरतपुर, धौलपुर और बांसवाड़ा को छोड़कर कुल 41 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


इसका उद्देश्य राजपूतों में समाज सुधार, बहुविवाह प्रथा को समाप्त करना, टीका प्रथा को समाप्त करना, मृत्यु भोज पर खर्च नियंत्रण, लड़की की विवाह की आयु 14 वर्ष तथा लड़के के विवाह की आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई।

1936 में वाल्टर सभा को भंग कर दिया गया।


टीका— लड़की के पिता पक्ष की ओर से भेजे गए उपहार 

रीत— लड़के के पिता पक्ष की ओर से भेजे गए उपहार




देश हितैषिणी सभा


स्थापना: 2 जुलाई, 1877 ई. में 

अध्यक्ष: उदयपुर के महाराणा सज्जन सिंह 

इसका उद्देश्य विवाह संबंधित कठिनाइयों का समाधान करना था। 

'वीर विनोद' के लेखक कवि श्यामलदास भी इसका सदस्य था।  


ब्रिटिश संरक्षक समिति ने सती उन्मूलन हेतु विधेयक किस वर्ष पारित किया?

अ. 1843

ब. 1844

स. 1845

द. 1846

उत्तर— 


अनमेल विवाह के लिए कौन सा कारण उत्तरदायी माना जाता है?

अ. आर्थिक 

ब. सामाजिक

स. राजनीतिक

द. उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर— अ


छोटी उम्र की कन्याओं का उनसे अधिक बड़ी उम्र के व्यक्ति से विवाह कर दिया जाता था। जिसके पीछे मुख्य कारण आर्थिक परेशानियां थी।


अनमेल विवाह और बाल विवाह निषेध अधिनियम सबसे पहले अलवर रियासत ने किस वर्ष बनाया?

अ. 5 दिसंबर, 1902

ब. 5 नवंबर, 1903

स. 10 अक्टूबर, 1904

द. 10 दिसंबर, 1903

उत्तर— द


देश हितै​षिणी सभा की स्थापना किस रियासत में हुई?

अ. जयपुर

ब. कोटा

स. अलवर

द. उदयपुर

उत्तर— द


डाकन—प्रथा 

1853 ई. में मेवाड़ रेजीडेन्ट कर्नल ईडन के परामर्श पर मेवाड़ महाराणा जवान सिंह ने डाकन प्रथा को गैर कानूनी घोषित किया।


खरीता — आदेश 


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