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Thursday, June 1, 2017

Swami Keshvanand Rajasthan Agricultural University, Bikaner Chopra Dr. Chhipa honored with President's award

स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलप​ति
डॉ. छीपा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित

जयपुर। राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति डॉ. बी.आर. छीपा को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया है।

केन्द्रीय हिंदी सेवा संस्थान की ओर से राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कुलपति डॉ. छीपा को सरदार वल्लभ भाई पटेल पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कार के रूप में इन्हें पांच लाख रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

डॉ. छीपा को यह सम्मान कृषि शिक्षा, शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में वैज्ञानिक शब्दावली से युक्त अंग्रेजी शब्दों की जगह हिन्दी शब्दों के चलन को बढ़ावा देने और हिन्दी के जन-जन तक प्रचार-प्रसार के लिए दिया गया है।

कृषि क्षेत्र में सम्मानित होने वाले ये राजस्थान के पहले कृषि वैज्ञानिक हैं जिनको यह सम्मान मिला है। डॉ. छीपा हिन्दी प्रेमी है और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने के लिए काम करते रहते हैं।

डॉ. बी.आर. छीपा देश के ऎसे अकेले ऎसे कृषि वैज्ञानिक हैं जिन्होंने किसानों के बीच हिन्दी और उनकी स्थानीय बोलचाल की भाषा में कृषि से जुड़े अंग्रेजी के जटिल शब्दों के शोध को सरल बनाकर हिन्दी साहित्य में प्रकाशित किया है।

सरल स्वभाव और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी डॉ. बी.आर. छीपा को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने पर देश के कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह एवं राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा सहित देश के कृषि वैज्ञानिकों ने बधाई दी है।

पुस्कार मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. छीपा ने बताया कि हिन्दी हमारी राजभाषा है एवं राष्ट्र भाषा हिन्दी के लिए देश के  लिए राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के हाथों सम्मानित होना मेरे लिए गौरव की बात है। इससे देश के कृषि वैज्ञानिकों का मान तो बढ़ा ही है, हिन्दी के प्रति काम करना की मेरी जिम्मेदारी और दृष्टिकोण भी और मजबूत हुआ है। डॉ. छीपा अजमेर के डॉ. महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में भी कुलपति रह चुके हैं। उन्हें इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं।

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