Youtube

असिस्टेंट प्रोफेसर 2020 हिंदी साहित्य 2nd पेपर का हल


हिंदी साहित्य 2nd पेपर 2020
असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज

 

1. "'सूरसागर' किसी चली आती हुई गीत काव्य परंपरा का-भले ही वह मौखिक हो, - विकास प्रतीत होता है।" उक्त स्थापना किसकी है?

(1) रामचंद्र शुक्ल

(2) रामकुमार वर्मा

(3) दीनदयाल गुप्त

(4) मुंशीराम शर्मा

उत्तर- 1


2. “चौपाई-दोहे का सबसे पुराना प्रयोग शायद है । जो कुछ पुराना साहित्य उपलब्ध है उससे लगता है कि पूर्वी प्रदेश के बौद्ध-सिद्धों ने ही इस शैली में लिखना शुरू किया था।” सरहपा विषयक यह कथन किसका है?

(1) राहुल सांकृत्यायन

(2) रामकुमार वर्मा

(3) रामचंद्र शुक्ल

(4) हजारीप्रसाद द्विवेदी

उत्तर- 4


3. सुमेलित नहीं है

(1) चंदनबालारास - आसगु

(2) स्थूलिभद्ररास - विजयसेनसूरि

(3) उक्तिव्यक्ति प्रकरण - दामोदर पंडित

(4) वर्णरत्नाकर - ज्योतिरीश्वर ठाकुर

उत्तर- 2

4. आचार्य रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि से कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) 'अखरावट' में वर्णमाला के एक-एक अक्षर को लेकर सिद्धांत संबंधी चौपाइयाँ कही गईं हैं।  

(2) 'आखिरी कलाम' में कयामत का वर्णन है।

(3) 'पद्मावत' में प्रेमगाथा की परंपरा पूर्ण प्रौढता को प्राप्त मिलती है।

(4) 'पद्मावत' पूर्णतया ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है।

उत्तर- 4


5. मंझन कृत 'मधुमालती' के विषय में कौन सा तथ्य सही नहीं है?

(1) इसकी कथा पूर्ण रूप से ऐतिहासिक है।

(2) इसमें भारतीय काव्य-रूढ़ियों का प्रयोग किया गया है।

(3) अन्य सूफी काव्यों के समान ही इसमें भी प्रेम को ही सब कुछ माना गया है।

(4) इसमें पाँच अर्धाली/चौपाइयों के बाद दोहे का प्रयोग है।

उत्तर- 1


6. “कबीरदास ऐसे ही मिलनबिंदु पर खड़े थे। जहाँ से एक ओर हिंदुत्व निकल जाता है और दूसरी

ओर मुसलमानत्व.....।” कबीर विषयक उक्त मान्यता किसकी है?

(1) रामचंद्र शुक्ल

(2) श्यामसुंदर दास

(3) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(4) सरनामसिंह शर्मा

उत्तर- 3


7. हिंदी प्रेमाख्यान काव्य-परंपरा से संबंधित असंगत कथन है

(1) निर्विवाद रूप से सभी प्रेमाख्यान तत्सम शब्दावली प्रधान अवधी भाषा में रचित

(2) ये काव्य प्रबंधात्मक शैली में रचित हैं।

(3) इनके पात्र मुख्यतः दो श्रेणियों -मानवीय और मानवेतर के हैं।

(4) इन काव्यों की मूलभावना प्रेम है।

उत्तर- 1


8. निम्नलिखित के आधार पर सही विकल्प चुनिए:

(अ) कबीर जो कुछ कहते थे शास्त्रीय ज्ञान के आधार पर कहते थे।

(ब) उनकी उक्तियाँ बेधने वाली और व्यंग्य चोट करने वाले होते थे।

विकल्प:

(1) (अ) और (ब) दोनों सही

(2) (अ) गलत और (ब) सही

(3) (अ) और (ब) दोनों गलत

(4) (अ) सही और (ब) गलत

उत्तर- 2


9. कौन सा कथन असंगत है?

(1) कृष्णगढ़ नरेश महाराज सावंतसिंह ही प्रसिद्ध भक्त कवि नागरीदास हैं।

(2) गागरौनगढ़ के राजा संत पीपा ने स्वामी रामानंद से दीक्षा ली थी।

(3) जंभनाथ ने अपने आदर्शों के प्रचारार्थ 'ब्रह्म संप्रदाय' की स्थापना की।

(4) सहजोबाई ने ब्रह्मतत्त्व का निर्गुण-सगुण निरपेक्ष अनिर्वचनीय स्थिति अनुभूतिपरक वर्णन किया है।

उत्तर- 3


10. “पुष्टिमारग को जहाज जात है सो जाको कछु लेना होय सो लेउ ।” सूरदास की मृत्यु को सन्निकट जानकर ये शोकार्त्त वचन किसके हैं?

(1) गोकुलनाथ

(2) विट्ठलनाथ

(3) कुंभनदास

(4) नंददास

उत्तर- 2


11. “उन्होंने रचना-नैपुण्य का भद्दा प्रदर्शन कहीं नहीं किया है और न शब्द-चमत्कार आदि के खेलवाड़ों में वे फँसे हैं।.... उनकी सी भाषा की सफाई और किसी कवि में नहीं।" शुक्लजी का यह कथन किस कवि के विषय में है?

(1) तुलसीदास

(2) जायसी

(3) बिहारी

(4) घनआनंद

उत्तर- 1


12. “कबित्त बिबेक एक नहिं मोरें, सत्य कहहुँ लिखि कागद कोरें।” यह विनयोक्ति किस कवि की है?

(1) कबीर

(2) सूरदास

(3) रहीम

(4) तुलसीदास

उत्तर- 4


13. 'भाषाभूषण' के रचनाकार हैं

(1) भूषण

(2) मतिराम

(3) जसवंतसिंह

(4) पद्माकर

उत्तर- 3


14. निम्नलिखित के आधार पर सही विकल्प चुनिए :

(अ) निर्गुण भक्ति में गुरु को वही महत्त्व प्राप्त है, जो साधना के अन्य रूपों- ज्ञानमार्ग, सगुण भक्ति या रहस्यवाद में प्राप्त है।

(ब) निर्गुण भक्ति का आलंबन निराकार और अगोचर है तथा सगुण भक्ति का आलंबन साकार एवं गोचर है।

विकल्प :

(1) (अ) और (ब) दोनों गलत

(2) (अ) सही और (ब) गलत

(3) (अ) और (ब) दोनों सही

(4) (अ) गलत और (ब) सही

उत्तर- 3


15. 'मूल गोसाईं चरित' के रचनाकार हैं

(1) नाभादास

(2) प्रियादास

(3) बेनीमाधवदास

(4) नरहरिदास

उत्तर- 3


16. राजस्थान से संबंधित संत-भक्त संप्रदाय नहीं है

(1) निरंजनी संप्रदाय

(2) जसनाथी संप्रदाय

(3) लालदासी संप्रदाय

(4) बावरी संप्रदाय

उत्तर- 4


17. भक्तमाल (नाभादासकृत) के टीकाकार हैं

(1) प्रियादास

(2) विट्ठलनाथ

(3) अग्रदास

(4) कील्हा

उत्तर- 1


18. रामभक्ति-काव्यधारा से संबद्ध कवि नहीं हैं

(1) स्वामी अग्रदास

(2) प्राणचंद चौहान

(3) गदाधर भट्ट

(4) हृदयराम

उत्तर- 3


19. इनमें से कौन सा कवि ज्ञानमार्गी विचारधारा से संबद्ध नहीं माना जाता है?

(1) जंभनाथ

(2) ध्रुवदास

(3) मलूकदास

(4) सुंदरदास

उत्तर- 2


20. 'राधावल्लभ' नामक वैष्णव भक्ति संप्रदाय के प्रवर्तक हैं

(1) वल्लभाचार्य

(2) हित हरिवंश

(3) स्वामी हरिदास

(4) चैतन्य महाप्रभु

उत्तर- 2


21. कौन सा विकल्प सुसंगत नहीं है?

(1) कबीर परचई -अनंतदास

(2) ज्ञान समुद्र  -सुंदर दास

(3) ज्ञानदीपक -दरिया साहब

(4) ज्ञानबोध - रामानंद

उत्तर- 4


22. संत दादूदयाल की शिष्य परंपरा से असंबद्ध संत है-

(1) पीपा

(2) सुंदरदास

(3) रज्जब

(4) गरीबदास

उत्तर- 1


23. "हिंदी में रीतिग्रंथों की अविरल और अखंडित परंपरा का प्रवाह केशव की 'कविप्रिया' के प्रायः पचास वर्ष पीछे चला और वह भी एक भिन्न आदर्श को लेकर....।"

उक्त कथन किसका है?

(1) आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी

(2) डॉ. नगेंद्र

(3) विश्वनाथप्रसाद मिश्र

(4) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

उत्तर- 4


24. निम्नलिखित कथनों से संबंधित सही विकल्प चुनिए:

(अ) रीति कविता राजाओं और रईसों के आश्रय में पली है।

(ब) उसकी अंतःप्रेरणा और स्वरूप को कवियों और उनके आश्रयदाता दोनों के संबंध से ही समझा जा सकता है।

विकल्प :

(1) (अ) और (ब) दोनों सही

(2) (अ) सही (ब) गलत

(3) (अ) गलत (ब) सही

(4) (अ) और (ब) दोनों गलत

उत्तर- 1


25. असंगत विकल्प चुनिए:

(1) देव और बिहारी पद्मसिंह शर्मा

(2) बिहारी और देव लाला भगवानदीन

(3) कविवर बिहारी जगन्नाथदास रत्नाकर

(4) बिहारी की वाग्विभूति विश्वनाथप्रसाद मिश्र

उत्तर- 1


26. "डेल सो बनाय आय मेलत सभा के बीच

लोगन कबित्त कीबो खेल करि जानो है।" इस काव्यांश के रचयिता हैं?

(1) घनआनंद

(2) बोधा

(3) ठाकुर

(4) आलम

उत्तर- 3


27. 'विज्ञानगीता' के रचनाकार हैं

(1) भिखारीदास

(2) ग्वाल

(3) पद्माकर

(4) केशवदास

उत्तर- 4


28. निम्नलिखित में से कौन सा ग्रंथ मात्र अलंकार निरूपक नहीं है?

(1) कविकुलकंठाभरण

(2) शिवराजभूषण

(3) कविकुलकल्पतरु

(4) ललितललाम

उत्तर- 3


29. कौन सी रचना मात्र पिंगल/छंद निरूपक है?

(1) भाषाभूषण

(2) वृत्तविचार

(3) काव्यरसायन

(4) काव्यनिर्णय

उत्तर- 2


30. कौन सी रचना रस/नायक-नायिका भेद निरूपक नहीं है?

(1) जगविनोद

(2) सुधानिधि

(3) सुखसागरतरंग

(4) पद्माभरण

उत्तर- 4

31. सर्वांग/विविध काव्यांग विवेचक आचार्य नहीं है

(1) तोष

(2) प्रतापसाहि

(3) सोमनाथ

(4) भिखारीदास

उत्तर- 1


32. रीतिकाल के विषय में कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) सजीव शृंगार की एक अदम्य लिप्सा इस युग के साहित्य में प्रतिबिंबित है।

(2) कुछ रचनाओं में मुख्यतः काव्यशास्त्र सिद्धांतों को छंदोबद्ध किया गया है तो कुछ रचनाएँ लक्षणमुक्त हैं।

(3) इस काल के रीतिग्रंथ/लक्षणग्रंथ संस्कृत लक्षणग्रंथों की छाया से पूर्णतया मुक्त हैं।

(4) रीतिकाव्य के विकास में तत्कालीन राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियों का महत्त्वपूर्ण योग रहा है।

उत्तर- 3


33. "आचार्य लोग तो कविता करने की रीति सिखलाते हैं; मानो वह संसार से यह कहते हैं कि अमुकामुक विषयों के वर्णनों में अमुक प्रकार में के कथन उपयोगी हैं और अमुक प्रकार के अनुपयोगी।"

उक्त कथन किसका है?

(1) डॉ. रामकुमार वर्मा

(2) मिश्रबंधु

(3) विश्वनाथप्रसाद मिश्र

(4) डॉ. नगेंद्र

उत्तर- 2


34. “मतिरामजी के 'रसराज' के समान पद्माकरजी .... भी काव्यरसिकों और अभ्यासियों दोनों का कंठहार रहा है। वास्तव में यह शृंगार रस का सार- ग्रंथ सा प्रतीत होता है।" शुक्लजी का यह कथन पद्माकर की किस रचना के संदर्भ में हैं?

(1) पद्माभरण

(2) हिम्मतबहादुर विरुदावली

(3) जगविनोद

(4) गंगालहरी

उत्तर- 3


35. भक्तिकालीन रामकाव्य-धारा के विषय में असंगत कथन है

(1) इस साहित्य में तुलसीदास का प्रमुख स्थान

(2) इसमें लोकसंग्रह की भावना है।

(3) यह काव्य अवधी और ब्रज दोनों में रचित

(4) यह कृष्ण-काव्य के प्रभाव से पूर्णत: मुक्त है।

उत्तर- 4


36. केशवदास के कृतित्व विषयक कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) 'रामचंद्रिका' में कथा के क्रमबद्ध रूप और अवसर के अनुकूल विस्तार संकोच का विशेष ध्यान रखा गया है।

(2) इनकी सबसे अधिक कल्पना अलंकार संबंधी है।

(3) चमत्कार प्रदर्शन के कारण इनकी रचनाओं में भावपक्ष की अपेक्षा कलापक्ष प्रधान हो गया है।

(4) कविप्रिया, रसिकप्रिया और छंदमाला लक्षणग्रंथ हैं।

उत्तर- 1


37. किस विकल्प में सभी रचनाएँ भिखारीदास की हैं?

(1) शृंगार निर्णय, रसराज, वृत्तविचार

(2) काव्यनिर्णय, शब्दरसायन, काव्यविकास

(3) रस रत्नाकर, रस सारांश, रसपीयूषनिधि

(4) काव्यनिर्णय, रस सारांश, छंदोर्णवपिंगल

उत्तर- 4

38. मतिराम से संबंधित कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) 'रसराज' और 'ललितललाम' इनकी विशिष्ट ख्याति के मुख्य आधार हैं।

(2) 'रसराज' शृंगार रस और नायिका-भेद का ग्रंथ है।

(3) 'रसराज' के नायक-नायिका अत्यधिक चतुर और क्रियाविदग्ध हैं।

(4) 'ललितललाम' में अलंकारों के लक्षण और उदाहरण दिए गए हैं।

उत्तर- 3


39. कौन सा कथन भूषण के व्यक्तित्व और कृतित्व के संदर्भ में सही नहीं है?

(1) इनकी कविता वीर रस प्रधान है।

(2) 'शिवराजभूषण' और 'छत्रसालदशक' इनके प्रबंधकाव्य हैं।

(3) रुद्र सोलंकी (सुलंकी) ने इन्हें 'भूषण' उपाधि से विभूषित किया।

(4) रीतिकार के रूप में इन्हें अधिक सफलता नहीं मिली।

उत्तर- 2


40. "देव कृत 'सुखसागरतरंग' को 'नायिका-भेद का एक विश्वकोश' समझना चाहिए।"

उक्त कथन किस विद्वान का है?

(1) डॉ. नगेंद्र

(2) मिश्रबंधु

(3) विश्वनाथप्रसाद मिश्र

(4) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

उत्तर- 1


41. "इसका एक-एक दोहा हिंदी साहित्य में एक-एक रत्न माना जाता है।"

शुक्लजी का उक्त कथन किस रचना के संदर्भ में है?

(1) मतिराम सतसई

(2) वृंद सतसई

(3) दोहावली (तुलसीदास)

(4) बिहारी सतसई

उत्तर- 4


42. स्थापना (A) : जिस कवि में कल्पना की समाहार-शक्ति के साथ भाषा की समास-शक्ति जितनी ही अधिक होगी उतना ही वह मुक्तक की रचना में सफल होगा।

तर्क (R) : यह क्षमता बिहारी में पूर्ण रूप से वर्तमान थी।

विकल्प:

(1) (A) और (R) दोनों गलत

(2) (A) और (R) दोनों सही

(3) (A) सही, (R) गलत

(4) (A) गलत, (R) सही

उत्तर- 2


43. स्थापना (A) : जिसकी रचना को जनता का हृदय स्वीकार करेगा उस कवि की कीर्ति तब तक बराबर बनी रहेगी जब तक स्वीकृति बनी रहेगी।

तर्क (R) : क्या संस्कृत साहित्य में, क्या हिंदी-साहित्य में सहस्रों कवियों ने अपने आश्रयदाता राजाओं की प्रशंसा में ग्रंथ रचे जिनका आज पता तक नहीं है।

विकल्प:

(1) (A) सही (R) गलत

(2) (A) गलत (R) सही

(3) (A) और (R) दोनों सही

(4) (A) और (R) दोनों गलत

उत्तर- 3


44. "प्रेम की पीर या 'इश्क का दर्द' इनके एक-एक वाक्य में भरा पाया जाता है।"

आचार्य शुक्ल का उक्त कथन किसके संदर्भ में

(1) घनआनंद

(2) ठाकुर

(3) रसखान

(4) आलम

उत्तर- 4


45. “नेही महा, ब्रजभाषा-प्रबीन औ सुंदरतानि के भेद को जानै।” विश्वनाथप्रसाद मिश्र के अनुसार घनआनंद की यह काव्य-प्रशस्ति किसके द्वारा की गई है?

(1) भारतेंदु हरिश्चंद्र

(2) जगन्नाथदास रत्नाकर

(3) ब्रजनाथ

(4) मिश्रबंधु

उत्तर- 3


46. “अभिधा उत्तम वाक्य है, मध्य लक्षणा लीन। अधम व्यंजना रस-विरस, उलटी कहत नवीन।” उक्त मत किसका है?

(1) मतिराम

(2) देव

(3) चिंतामणि

(4) भिखारीदास

उत्तर- 2


47. “इनका सा अर्थ-सौष्ठव और नवोन्मेष बिरले ही कवियों में मिलता है। रीतिकाल के कवियों में ये बड़े ही प्रगल्भ और प्रतिभासम्पन्न कवि थे।" शुक्लजी का उक्त मत किस कवि के विषय में है?

(1) बिहारी

(2) मतिराम

(3) भूषण

(4) देव

उत्तर- 4


48. सेनापति के काव्य / कौशल के विषय में कौन सा विवरण सही नहीं है?

(1) 'कवित्त रत्नाकर' इनकी प्रसिद्ध रचना है।

(2) 'कवित्त रत्नाकर' आद्यंत राम-चरित्र और रामभक्ति-भावना से ओत-प्रोत है।

(3) इनकी अप्रतिम सफलता उत्कृष्ट ऋतु वर्णन में है।

(4) श्लेष इनका प्रिय अलंकार है।

उत्तर- 2


49. "आगे के कवि रीझिहैं, तौ कबिताई, न तौ राधिका कन्हाई सुमिरन कौ बहानी है।" इस काव्यांश के रचनाकार हैं

(1) भिखारीदास

(2) केशवदास

(3) पद्माकर

(4) द्विजदेव

उत्तर- 1


50. निम्नलिखित में प्रबन्धात्मक रचना है:

(1) शिवाबावनी

(2) हिम्मतबहादुर विरुदावली

(3) भवानीविलास

(4) जगविनोद

उत्तर- 2


51. भक्तिकालीन कृष्ण-काव्य-धारा के सम्बन्ध में कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) इसकी एक सामान्य प्रकृति यह है कि यह अधिकतर प्रबन्ध रूप में रचा गया है।

(2) पुष्टिमार्गीय कृष्ण-काव्य में गोपाल कृष्ण की बाललीला को विशेष महत्त्व दिया गया है।

(3) कृष्ण-काव्य का सर्वाधिक प्रिय विषय राधा-कृष्ण की प्रेमलीला है।

(4) अधिकांश कृष्ण-काव्य गीतिपदों में रचा गया है।

उत्तर- 1


52. कौन सा विकल्प सुसंगत नहीं है?

(1) काव्य विवेक - चिन्तामणि

(2) शिवाबावनी - भूषण

(3) वृत्त कौमुदी - मतिराम

(4) प्रतापसिंह विरुदावली - सेनापति

उत्तर- 4


53. भारतेंदुयुगीन काव्य के संदर्भ में कौन सा विवरण सही नहीं है

(1) यह युग प्राचीन ब्रजभाषा-काव्य और नवीन खड़ीबोली- काव्य का मिलन बिंदु रहा।

(2) इसमें प्राचीन परम्परानुसार रस अलंकार, नायक-नायिका भेद आदि से संबंधित रचनाएँ भी लिखी गईं।

(3) इसमें देशभक्ति, लोकहित, सामाजिक पुनर्निर्माण आदि नवीन विषयों पर भी रचनाएँ प्रस्तुत की गईं।

(4) इस युग में खड़ीबोली की नवीन काव्य शैली का प्राधान्य रहा।

उत्तर- 4


54. कौन सी प्रवृत्ति द्विवेदीयुगीन काव्यधारा में लक्षित नहीं होती?

(1) प्रबंध, मुक्तक, प्रगीत प्रभृति सभी काव्य-रूपों का प्रचलन

(2) हास्य-व्यंग्यपूर्ण कविता की प्रचुरता

(3) काव्यभाषा के रूप में खड़ीबोली का अधिकाधिक प्रयोग

(4) आदर्शवादिता और नैतिकता पर बल

उत्तर- 2


55. मैथिलीशरण गुप्त के कृतित्व के विषय में कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) 'उर्मिला-उत्ताप' रचना ही रामकथा के रूप में परिवर्द्धित होकर 'साकेत' के नाम प्रकाशित की गई।

(2) उर्मिला, यशोधरा, विष्णुप्रिया आदि इनकी अपूर्व चरित्र-सृष्टियाँ हैं।

(3) 'भारत-भारती' में आद्यंत भारत का गौरवगान वर्णित है।

(4) 'पंचवटी' का कथानक शूर्पणखा प्रसंग पर आधारित है।

उत्तर- 3


56. “छायावाद स्थूल के विरुद्ध सूक्ष्म का विद्रोह है।” उक्त कथन किसका है?

(1) डॉ. नगेंद्र

(2) नंददुलारे वाजपेयी

(3) मुकुटधर पांडेय

(4) विश्वनाथप्रसाद मिश्र

उत्तर- 1


57. 'हिंदी में रीति का प्रयोग साधारणतः लक्षण ग्रंथों के लिए होता है। जिन ग्रंथों में काव्य के विभिन्न अंगों का लक्षण-उदाहरण सहित विवेचन होता है, उन्हें रीति-ग्रंथ कहते हैं।' उक्त कथन किसका है?

(1) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

(2) डॉ. नगेंद्र

(3) आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी

(4) विश्वनाथप्रसाद मिश्र

उत्तर- 2


58. 'रीतिकाल' को 'शृंगारकाल' किसने कहा है?

(1) विश्वनाथप्रसाद मिश्र

(2) मिश्रबंधु

(3) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(4) डॉ. नगेंद्र

उत्तर- 1


59. “दुःख सब को माँजता है

और

चाहे स्वयं सब को मुक्ति देना वह न जाने, किंतु जिनको माँजता है।

उन्हें यह सीख देता है कि सब को मुक्त रखें।” इन कविता पंक्तियों के रचनाकार हैं

(1) धर्मवीर भारती

(2) अज्ञेय

(3) गजानन माधव मुक्तिबोध

(4) शमशेरबहादुर सिंह

उत्तर- 2


60. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:

(अ) वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान। i. निराला

(ब) प्रकृति के यौवन का श्रृंगार करेंगे कभी न बासी फूल। ii बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

(स) कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ, जिससे उथल-पुथल मच जाए।  iii. प्रसाद

(द) धन्ये, मैं पिता निरर्थक था, कुछ भी तेरे हित न कर सका। iv. पंत

विकल्प :

    (अ) (ब) (स) (द)

(1) iv  iii  i   ii

(2) iii  ii  i   iv

(3) iv  iii  ii  i

(4) ii  iv   iii i

उत्तर- 3


61. निराला की काव्य-कृतियों से संबंधित कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) 'अनामिका' में संगृहीत अधिकांश रचनाएँ उत्कृष्ट भावव्यंजना तथा कलात्मक प्रौढ़ता की द्योतक हैं।

(2) 'सरोजस्मृति' हिंदी का श्रेष्ठ शोक-गीत है।

(3) 'राम की शक्तिपूजा' में कवि का पौरुष और ओज चरमोत्कर्ष के साथ अभिव्यक्त हुआ है।

(4) 'तुलसीदास' में चिंतन की अपेक्षा कथा विस्तार अधिक है।

उत्तर- 4


62. “यदि श्रद्धा और मनु अर्थात् मनन के सहयोग से मानवता का विकास रूपक है, तो भी बड़ा ही

भावमय और श्लाघ्य है।" 'कामायनी' की कथासृष्टि के विषय में यह विचार किसका है?

(1) नंददुलारे वाजपेयी

(2) मुक्तिबोध

(3) जयशंकर प्रसाद

(4) अज्ञेय

उत्तर- 3


63. “जब वेदना के आधार पर स्वानुभूतिमयी अभिव्यक्ति होने लगी तब हिंदी में उसे छायावाद नाम से अभिहित किया गया।"

छायावाद की यह परिभाषा किसने दी है?

(1) मुकुटधर पांडेय

(2) जयशंकर प्रसाद

(3) सुमित्रानंदन पंत

(4) महादेवी वर्मा

उत्तर- 2


64. कौन सा विकल्प सुमेलित नहीं है?

(1) बुद्ध और नाचघर -हरिवंशराय बच्चन

(2) हिमकिरीटिनी -रामधारीसिंह 'दिनकर'

(3) हम विषपायी जनम के -बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

(4) प्रवासी के गीत -नरेंद्र शर्मा

उत्तर- 2


65. निम्नलिखित में दिनकर की रचनाएँ कौन सी हैं?

(अ) उर्वशी

(ब) जयभारत

(स) सामधेनी

(द) रश्मिरेखा

(य) रसवंती

विकल्प:

(1) (अ) और (ब)

(2) (ब) और (स)

(3) (स), (द) और (य)

(4) (अ), (स) और (य)

उत्तर- 4


66. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए :

(अ) वैदेही वनवास i. मैथिलीशरण गुप्त

(ब) पथिक ii. गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही'

(स) द्रवापर iii. अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'

(द) राष्ट्रीय-वीणा iv. रामनरेश त्रिपाठी

विकल्प :

    (अ) (ब) (स) (द)  

(1) iii  iv  i   ii

(2)  i   ii  iv  iii

(3) ii    i  iii iv

(4) iii   i  iv  ii

उत्तर- 1


67. कौन सा विकल्प सही नहीं है?

(1) 'संशय की एक रात' में राम के मन का संशय चित्रित है।

(2) 'उर्वशी' का दर्शन-पक्ष है प्रेम और ईश्वर, जैव और आत्म धरातल को मिलाना।

(3) 'कुरुक्षेत्र' में गाँधीवादी अहिंसा का समर्थन किया गया है।

(4) 'लोकायतन' में स्वाधीनता पूर्व से लेकर उत्तर स्वप्न तक का विशाल भारतीय परिवेश चित्रित है।

उत्तर- 3


68. स्थापना (A): प्रगतिवाद सामाजिक यथार्थवाद के नाम पर चलाया गया एक सामाजिक आंदोलन था।

तर्क (R): वर्ग-संघर्ष की साम्यवादी विचारधारा और उस संदर्भ में नये मानव, 'नये हीरो' की कल्पना इसका उद्देश्य था।

विकल्प:

(1) (A) और (R) दोनों सही

(2) (A) गलत (R) सही

(3) (A) सही (R) गलत

(4) (A) और (R) दोनों गलत

उत्तर- 2


69. कौन सा कथन सही नहीं है ?

(1) शिवमंगल सिंह सुमन प्रमुख प्रगतिशील कवि हैं।

(2) प्रगतिशील कविता में पूँजीवाद तथा पूँजीपतियों के प्रति प्रबल आक्रोश है।

(3) वर्ग-संघर्ष को प्रगतिशील कवियों ने हानिकारक बताया है।

(4) सर्वहारा के प्रति प्रगतिशील कवियों की पूर्ण सहानुभूति है।

उत्तर- 3

 

70. अज्ञेय की काव्य-रचना के संबंध में कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) इन्होंने छायावादी कविताओं से अपनी काव्ययात्रा प्रारंभ की।

(2) 'तार सप्तक' द्वारा इनकी नयी काव्ययात्रा प्रारंभ होती है।

(3) प्रयोगवादी धारा के कवियों में उनका स्वर सबसे अधिक वैविध्यपूर्ण है।

(4) संवेदनाएँ सर्वत्र उनकी बौद्धिकता को नियंत्रित रखती हैं।

उत्तर- 4


71. धर्मवीर भारती से संबंधित कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) इनकी 'कनुप्रिया' और 'अंधायुग' महाकाव्यात्मक रचनाएँ हैं।

(2) 'अंधायुग' अंधों के माध्यम से ज्योति की कथा है, जिसमें विजय केवल अंधेपन की होती है।

(3) 'कनुप्रिया' में राधा-कृष्ण प्रेम की तन्मयता का प्रश्नाकुलता के साथ मनोहर संयोग मिलता है।

(4) ये आधुनिक संवेदना के कवि हैं।

उत्तर- 1


72. निम्नलिखित में नयी कविता की प्रवृत्ति नहीं है:

(1) जीवन के प्रति आस्था

(2) अनुभूति की सच्चाई और बुद्धिमूलक यथार्थवादी दृष्टि

(3) जीवनमूल्यों का पुनर्परीक्षण

(4) व्यक्ति चित्रण वर्गीय चेतना के दायरे में

उत्तर- 4


73. निम्नलिखित में 'तीसरा सप्तक' के कवि हैं:

(अ) मदन वात्स्यायन

(ब) स्वदेश भारती

(स) कुँवरनारायण

(द) शकुंत माथुर

(य) कीर्ति चौधरी

विकल्प:

(1) (अ) और (ब)

(2) (ब), (स) और (द)

(3) (द) और (य)

(4)(अ), (स) और (य)

उत्तर- 4


74. निम्नलिखित रचनाओं और कवियों को सुमेलित कीजिए:

(अ) काल तुझसे होड़ है मेरी i. गजाननमाधव मुक्तिबोध

(ब) ब्रह्मराक्षस ii. शमशेरबहादुर सिंह

(स) युग की गंगा iii. नागार्जुन

(द) बादल को घिरते देखा है iv. केदारनाथ अग्रवाल

विकल्प:

   (अ) (ब) (स) (द)

(1) ii   i  iv  iii

(2) iv  ii  i   iii

(3) iii  i  ii  iv

(4) ii  iv  iii  i

उत्तर- 1


75. नयी कविता की प्रवृत्तियों में सम्मिलित नहीं

(1) जीवन के प्रति इसमें आस्था है।

(2) इसमें दो तत्त्व प्रमुख हैं - अनुभूति की सच्चाई और बुद्धिमूलक यथार्थवादी दृष्टि।

(3) इसमें व्यक्ति का चित्रण वर्गीय चेतना के दायरे में किया गया है।

(4) यह जीवन-मूल्यों की पुनः परीक्षा करती है।

उत्तर- 3


76. कौन सी रचना अशोक वाजपेयी की नहीं है?

(1) एक पतंग अनंत में

(2) समय देवता

(3) शहर अब भी संभावना है

(4) कहीं नहीं वहीं

उत्तर- 2


77. माखनलाल चतुर्वेदी की कविताओं के संबंध में कौन सा कथन असंगत है?

(1) साहित्य देवता हिमतरंगिनी आदि इनकी काव्य-कृतियाँ हैं।

(2) राष्ट्रीयता उनके काव्य का कलेवर है तो भक्ति और रहस्यात्मक प्रेम उनकी रचनाओं की आत्मा है।

(3) उनकी कविताओं में छायावादी रहस्यात्मकता का सगुण मधुरा भक्ति के साथ एक अजीब समन्वय दिखाई पड़ता है।

(4) उनकी राष्ट्रीय कविताओं में आदर्श की थोथी उड़ानें भर हैं।

उत्तर- 4


78. सुभद्राकुमारी चौहान की काव्य-रचना के संबंध में कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) उनमें गंभीर से गंभीर विषय को भी सरल रूप में प्रस्तुत करने की अदम्य क्षमता थी।

(2) उनकी राष्ट्रीय कविताओं में समसामयिक देशप्रेम और भारतीय इतिहास एवं संस्कृति की गहरी छाप है।

(3) उनकी कविताओं की एकमात्र प्रवृत्ति है- राष्ट्रीय भावना का चित्रण

(4) उनकी कविताएँ 'त्रिधारा' और 'मुकुल' शीर्षक से प्रकाशित हैं।

उत्तर- 3


79. श्यामनारायण पांडेय के व्यक्तित्व और कृतित्व से संबंधित कौन सा कथन असंगत है?

(1) महाराणा प्रताप और अकबर के मध्य हुए ऐतिहासिक युद्ध पर आधारित 'हल्दीघाटी' एक खंडकाव्य है।

(2) 'जौहर' राजस्थान के इतिहास के लोमहर्षक आत्मबलिदान पर आधारित महाकाव्य है।

(3) उन्होंने आधुनिक युग में वीर काव्य की परंपरा को खड़ीबोली में प्रतिष्ठित किया है ।

(4) उनके संस्कार द्विवेदीयुगीन, दृष्टिकोण उपयोगितावादी और भाव-विस्तार मर्यादावादी है।

उत्तर- 1


80. महादेवी वर्मा के 'यामा' में कौन सी रचना संकलित नहीं है?

(1) नीहार

(2) दीपशिखा

(3) रश्मि

(4) सांध्यगीत

उत्तर- 2


81. निम्नलिखित को सुसंगत कीजिए:

(अ) ऋतुराज      i. यह समय मामूली नहीं

(ब) रामदेव आचार्य ii. रोटी नाम सत है

(स) हरीश भादानी iii. एक मरणधर्मा और अन्य

(द) नंद चतुर्वेदी iv. रेगिस्तान से महासागर तक

विकल्प:

   (अ) (ब) (स) (द)

(1) iii iv   i  ii

(2) ii  iii  i  iv

(3) iv  i   iii ii

(4) iii iv   i  ii

उत्तर- 4

 

82. कविता एवं कवि सुमेलित कीजिए:

(अ) इस यात्रा में        i. वेणुगोपाल

(ब) अपनी केवल धार    ii. लीलाधर जगूड़ी

(स) दुनिया रोज बनती है iii. अरुण कमल

(द) हवाएँ चुप नहीं रहतीं iv. आलोक धन्वा

विकल्प :

    (अ) (ब) (स) (द)

(1) ii  iii  iv   i

(2) iii  ii  i   iv

(3) iv   i  iii  ii

(4) ii   i  iv   iii

उत्तर- 1


83. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:

(अ) हज़ार हज़ार बाँहों वाली  i शमशेर बहादुर सिंह

(ब) चुका भी नहीं हूँ मैं     ii. गजानन माधव मुक्तिबोध

(स) रात अब भी मौजूद है  iii. नागार्जुन

(द) भूरी भूरी खाक धूल    iv. लीलाधर जगूड़ी

विकल्प :

    (अ) (ब) (स) (द)

(1) ii   i   iii  iv

(2) iii  i   iv   ii

(3) iv  iii  i    ii

(4) iii  ii  iv   i

उत्तर- 2


84. प्रयोगवाद के संबंध में कौन सा कथन असंगत है?

(1) इसका मंतव्य समस्त परंपराओं का खंडन करके नये तत्त्वों का अन्वेषण करना है।

(2) यह व्यक्ति अनुभूति और समष्टि अनुभूति को एक ही सत्य के दो रूप मानता है।

(3) यह मानता है कि बौद्धिकता को काव्यानुभूति से पृथक् करके नहीं देखा जा सकता।

(4) यह मानता है कि विषयवस्तु की नवीनता ही उसके शिल्प को नया आकार देने के लिए बाध्य करेगी।

उत्तर- 1


85. “तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।

झुके कूल सों जल परसन हित मनहुँ सुहाए।।" इसके रचयिता हैं -

(1) भारतेंदु हरिश्चंद्र

(2) सुमित्रानंदन पंत 

(3) जयशंकर प्रसाद

(4) मैथिलीशरण गुप्त

उत्तर- 1


86. भारतेंदु हरिश्चंद्र के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के संदर्भ में कौन सा विवरण सही नहीं है?

(1) वे साहित्यानुरागी और कोमल हृदय व्यक्ति थे।

(2) उन्होंने वैष्णव धर्म के प्रचारार्थ 'तदीय समाज' की स्थापना की।

(3) उनका साहित्यिक कार्य गद्य-पद्य की अनेक विधाओं तक फैला हुआ था।

(4) उन्होंने प्राचीन की पूर्ण उपेक्षा करके नवीन को पूर्णत: अंगीकार किया।

उत्तर- 4


87. आचार्य शुक्ल के अनुसार अंगरेजी ढंग का हिंदी का पहला मौलिक उपन्यास है

(1) भाग्यवती

(2) परीक्षा गुरु

(3) नूतन ब्रह्मचारी

(4) निस्सहाय हिंदू

उत्तर- 2


88. “भारतेंदुजी जिस प्रकार वर्तमान गद्यभाषा के स्वरूप प्रतिष्ठापक थे, उसी प्रकार वर्तमान साहित्य-परंपरा के प्रवर्तक।” उक्त कथन किसका है?

(1) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(2) बाबू गुलाबराय

(3) रामचंद्र शुक्ल

(4) महावीरप्रसाद द्विवेदी

उत्तर- 3


89. प्रकाशन स्थान की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए:

(1) भारतमित्र -कलकत्ता

(2) हिंदी प्रदीप - प्रयाग

(3) उदंत मार्तंड - कलकत्ता

(4) कविवचनसुधा - प्रयाग

उत्तर- 4


90. निम्नलिखित में भारतेंदु की मौलिक नाट्यकृति नहीं है:

(1) अंधेर नगरी

(2) कर्पूरमंजरी

(3) भारतदुर्दशा

(4) वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति

उत्तर- 2


91. 'रंग दर्शन' के रचनाकार हैं

(1) मोहन राकेश

(2) लक्ष्मी नारायणलाल

(3) नेमिचंद्र जैन

(4) जयदेव तनेजा

उत्तर- 3


92. "पं. प्रतापनारायण मिश्र और पं. बालकृष्ण भट्ट ने हिंदी गद्य साहित्य में वही काम किया है जो अंगरेजी गद्य साहित्य में एडीसन और स्टील ने किया।" यह कथन किसका है?

(1) रामचंद्र शुक्ल

(2) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(3) नंददुलारे वाजपेयी

(4) रामकुमार वर्मा

उत्तर- 1


93. इनमें से कौन से निबंध संग्रह विद्यानिवास मिश्र के हैं?

(अ) छितवन की छाँह

(ब) गँवई गंध

(स) तुम चंदन हम पानी

(द) निषाद बाँसुरी

(य) कदम की फूली डाल

विकल्प:

(1) (अ) और (ब)

(2) (द) और (य)

(3) (अ), (स) और (द)

(4) (अ), (स) और (य)

उत्तर- 4


94. 'नागरी प्रचारिणी पत्रिका' से संबंधित कौन सा विवरण सही नहीं है?

(1) 1896 ई. में इसका प्रकाशन त्रैमासिक रूप में प्रारंभ हुआ।

(2) प्रारंभ में इसके संपादक मंडल में श्यामसुंदरदास, सुधाकर द्विवेदी, कालीदास और राधाकृष्णदास सम्मिलित थे।

(3) 1920 ई. में यह मासिक रूप में प्रकाशित होने लगी।

(4) यह मुख्यतः शोध-पत्रिका है।

उत्तर- 3


95. "हिंदी साहित्य पं. महावीरप्रसाद द्विवेदी का सदा ऋणी रहेगा। व्याकरण की शुद्धता और भाषा की सफाई के प्रवर्तक द्विवेदीजी ही थे।" उक्त कथन किसका है?

(1) डॉ. नगेंद्र

(2) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

(3) आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी

(4) पं. नंददुलारे वाजपेयी

उत्तर- 2


96. पत्रिका और संपादक/प्रकाशक संबंधी असंगत विकल्प है

(1) नटरंग - मोहन राकेश

(2) सारिका - अवधनारायण मुद्गल

(3) नयी कविता - जगदीश गुप्त

(4) आलोचना - नामवर सिंह

उत्तर- 1


97. हिंदी पत्रकारिता के संदर्भ में कौन सा तथ्य सही नहीं है?

(1) सुमित्रानंदन पंत ने 'रूपाभ' का प्रकाशन किया।

(2) 'सरस्वती' के प्रकाशन का कार्य पं. महावीरप्रसाद द्विवेदी ने 1900 ई. में संभाला।

(3) 'हंस' का प्रकाशन प्रेमचंद ने प्रारंभ किया।

(4) 'इंदु' का प्रकाशन जयशंकर प्रसाद ने किया।

उत्तर- 2


98. कहानी आंदोलन और उनके प्रवक्ता/पुरोधा को सुमेलित कीजिए :

(अ) समांतर कहानी  i. महीपसिंह

(ब) सक्रिय कहानी  ii. गंगाप्रसाद विमल एवं अन्य

(स) सचेतन कहानी iii. कमलेश्वर

(द) अकहानी iv. राकेश वत्स

विकल्प:

   (अ) (ब) (स) (द)

(1) iii iv   i  ii

(2) iii i   iv  ii

(3) iv  iii ii  i

(4) ii  i  iii  iv

उत्तर- 1


99. संस्मरणात्मक रचना और रचनाकारों की दृष्टि से कौन सा विकल्प असंगत है?

(1) वसंत से पतझर तक - रवींद्रनाथ त्यागी

(2) सृजन के सहयात्री - रवींद्र कालिया

(3) कुछ यादें कुछ बातें - अमृतराय

(4) चिड़िया रैन बसेरा - विद्यानिवास मिश्र

उत्तर- 3


100. कृति और कृतिकार को सुमेलित कीजिए:

(अ) नयी कविता के प्रतिमान i. नामवर सिंह

(ब) कविता के नये प्रतिमान ii. लक्ष्मीकांत वर्मा

(स) नया साहित्य : नये प्रश्न iii. गजानन माधव मुक्तिबोध

(द) नये साहित्य का सौंदर्य-शास्त्र iv. नंददुलारे वाजपेयी

विकल्प:

   (अ) (ब) (स) (द)

(1) iii ii  i   iv

(2) ii iv   i   iii

(3) iv iii  ii  i

(4) ii i    iv  iii

उत्तर- 4


101. कौन सा निबंध संग्रह हजारीप्रसाद द्विवेदी का नहीं है?

(1) विषाद योग

(2) कल्पलता

(3) आलोक पर्व

(4) कुटज

उत्तर- 1


102. "पोस्ट बॉक्स नं. 203 - नाला सोपारा" किसकी रचना है?

(1) अलका सरावगी

(2) मैत्रेयी पुष्पा

(3) प्रभा खेतान

(4) चित्रा मुद्गल

उत्तर- 4


103. औपन्यासिक कृतियों का रचनाकारों से मिलान कीजिए :

(अ) कुरु-कुरु स्वाहा... i. राजकमल चौधरी

(ब) मछली मरी हुई  ii. अब्दुल बिस्मिल्लाह

(स) काला जल  iii. मनोहरश्याम जोशी

(द) झीनी-झीनी बीनी चदरिया iv. शानी

विकल्प:

   (अ) (ब) (स) (द)

(1) iii iv  ii  i  

(2) i   iii ii  iv  

(3) iii i   iv  ii    

(4) i   iv  iii ii

उत्तर- 3


104. निम्नलिखित को सुसंगत कीजिए:

(अ) कुछ कही कुछ अनकही i. मोहनदास नैमिशराय

(ब) मुड़-मुड़ के देखता हूं ii. मैत्रेयी पुष्पा

(स) अपने-अपने पिंजरे iii. राजेंद्र यादव

(द) कस्तूरी कुण्डल बसै iv. शीला झुनझुनवाला

विकल्प :

   (अ) (ब) (स) (द)

(1) iii ii  iv   i  

(2) iv  iii  i  ii  

(3) ii  iv  iii  i    

(4) iv  i   ii  iii  

उत्तर- 2

 


105. "जितने श्रम और जितनी सावधानी से यह संपादित हुआ है, आज तक हिंदी का और कोई ग्रंथ नहीं हुआ।" आचार्य शुक्ल का उक्त कथन किस संपादित रचना के संदर्भ में है?

(1) विनयपत्रिका

(2) लालचंद्रिका

(3) बिहारी रत्नाकर

(4) कबीर ग्रंथावली

उत्तर- 3


106. किस विकल्प में रचना और उसमें वर्णित चरित्र नायक असंगत हैं?

(1) स्मृति के झरोखे से -भारतभूषण अग्रवाल

(2) महामानव महापंडित -मदनमोहन मालवीय

(3) वटवृक्ष की छाया में -अमृतलाल नागर

(4) मरुभूमि का वह मेघ - घनश्यामदास बिड़ला

उत्तर- 2

 

107. 'एक बूँद सहसा उछली' यात्रावृत्त के लेखक हैं

(1) निर्मल वर्मा

(2) विष्णु प्रभाकर

(3) सच्चिदानंद वात्स्यायन

(4) मोहन राकेश

उत्तर- 3


108. इनमें से कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) 'पहला गिरमिटिया' में गाँधीजी द्वारा दक्षिण अफ्रीका में चलाए गए सत्याग्रह आंदोलन का चित्रण है।

(2) 'खंजन नयन' ( अमृतलाल नागर) में सूरदास का जीवन-वृत्त चित्रित है।

(3) 'अपने-अपने अजनबी' की मुख्य समस्या स्वतंत्रता के वरण की है।

(4) अर्धनारीश्वर (विष्णु प्रभाकर) में स्त्रियों का महिमामंडन किया गया है।

उत्तर- 4


109. नाट्यकृतियों और नाटककारों को सुसंगत कीजिए:

(अ) खजुराहो का शिल्पी i. हमीदुल्ला

(ब) करफ्यू   ii. मणिमधुकर

(स) दुलारीबाई iii. लक्ष्मीनारायण लाल

(द) ख्यालभारमली iv. शंकर शेष

विकल्प:

   (अ) (ब) (स) (द)

(1) iv  ii  i   iii

(2) iii iv  ii  i  

(3) iv  iii ii  i    

(4) ii  iii i   iv

उत्तर- 3


110. कहानी और कहानीकार का जोड़ा सुमेलित कीजिए:

(अ) छोट-छोटे ताजमहल  i. कमलेश्वर

(ब) मलबे का मालिक    ii. निर्मल वर्मा

(स) लंदन की एक रात   iii. मोहन राकेश

(द) खोई हुई दिशाएँ     iv. राजेंद्र यादव

विकल्प :

    (अ) (ब) (स) (द)

(1) ii  iv   i   iii

(2) iv  ii  iii   i

(3) iii i   iv   ii

(4) iv iii  ii   i

 उत्तर- 4


111. निम्नलिखित रचनाओं को तत्संबंधी विधा के साथ सुमेलित कीजिए:

(अ) चेतना के बिंब       i. जीवनी

(ब) अरे यायावर रहेगा याद ii. आत्मकथा

(स) प्रेमचंद घर में       iii. संस्मरण

(द) मेरी जीवनयात्रा       iv. यात्रा साहित्य

विकल्प :

    (अ) (ब) (स) (द)

(1) ii  iv  iii  i

(2) iii iv   i   ii

(3)  i  iii ii   iv

(4) iii ii  iv   i

उत्तर- 2


112. निम्नलिखित को सुसंगत कीजिए:

(अ) मंजुल भगत     i. जलधार

(ब) सूर्यबाला        ii. धुएँ की ईमानदारी

(स) कुसुम अंसल    iii. अंतिम बयान

(द) उषा किरण ख़ान iv. यामिनीकथा

विकल्प:

    (अ) (ब) (स) (द)

(1) iii  ii  iv  i

(2) ii   iii i   iv

(3) iii  iv  ii  i  

(4) iv   i   iii ii

उत्तर- 3


113. कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) 'बाणभट्ट की आत्मकथा' पूर्णतया कल्पनाश्रित उपन्यास है।

(2) 'चारुचंद्रलेख' में गहरवार नरेश जयचंद की पराजय के बाद का समय चित्रित है।

(3) 'पुनर्नवा' में समुद्रगुप्त के समय को उपन्यास का विषय बनाया है।

(4) 'अनामदास का पोथा' उपनिषद् काल का काल्पनिक वर्णन करता है।

उत्तर- 1


114. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से प्रेमचंद की औपन्यासिक कृतियों का सही अनुक्रम है:

(1) रंगभूमि, सेवासदन, कर्मभूमि, गोदान

(2) कर्मभूमि, रंगभूमि, गोदान, सेवासदन

(3) सेवासदन, कर्मभूमि, गोदान, रंगभूमि

(4) सेवासदन, रंगभूमि, कर्मभूमि, गोदान

उत्तर- 4


115. नाभादास कृत 'भक्तमाल' से संबंधित कौन सा तथ्य सही नहीं है?

(1) यह भक्तिकालीन भक्तों के संबंध में प्रामाणिक रचना मानी जाती है।

(2) इसके पूर्वार्द्ध में कलियुग से पहले के भक्तों का उल्लेख है।

(3) इतिहास की दृष्टि से इसका उत्तरार्द्ध अधिक महत्त्वपूर्ण है।

(4) उत्तरार्द्ध में मध्यकालीन भक्तों-संतों का विस्तृत जीवन-वृत्त दिया गया है।

उत्तर- 4


116. कौन सा विवरण सही नहीं है?

(1) गार्सा द तासी ने अपने इतिहास ग्रंथ में कवियों को कालक्रमानुसार प्रस्तुत किया है।

(2) 'शिवसिंह सरोज' में लगभग एक हजार कवियों का जीवन-चरित उनके कविताओं के उदाहरण सहित प्रस्तुत किया गया है।

(3) जॉर्ज ग्रियर्सन के इतिहास - ग्रंथ का हिंदी अनुवाद 'हिंदी साहित्य का प्रथम इतिहास' शीर्षक से प्रकाशित हुआ है।

(4) जॉर्ज ग्रियर्सन ने कवियों और लेखकों को कालक्रमानुसार वर्गीकृत किया है।

उत्तर- 1


117. "इतिहास का इतिवृत्तात्मक लेखन सबसे प्रथम मिश्रबंधुओं के 'विनोद' में पाया जाता है।" यह उक्ति किसकी है?

(1) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

(2) डॉ. रामकुमार वर्मा

(3) आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी

(4) डॉ. नगेंद्र

उत्तर- 2


118. 'मिश्रबंधु विनोद' के विषय में कौन सा विवरण सही नहीं है?

(1) इसमें अनेक कवि, जो अज्ञात थे, प्रकाश में लाए गए हैं और उनके साहित्यिक महत्त्व का मूल्य आँका गया है।

(2) इसके प्रथम तीन भाग सं. 1970 वि. में और चतुर्थ भाग सं. 1991 वि. में प्रकाशित हुए।

(3) चतुर्थ भाग साहित्य के वर्तमान काल से संबंधित है।

(4) इसके चारों भागों में लगभग तीन हजार कवियों का विवरण मिलता है।

उत्तर- 4


119. "इस पुस्तक की भाषा को कवि ने स्वयं अवहट्ट कहा था। इसमें बीच-बीच में मैथिली भाषा के प्रयोग आ गए हैं। भाषा के अध्ययन की दृष्टि से इस पुस्तक का महत्त्व है ही। "

आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी का यह कथन किस कृति के संदर्भ में है?

(1) विद्यापति पदावली

(2) कीर्तिपताका

(3) कीर्तिलता

(4) वर्ण रत्नाकर मकोड़

उत्तर- 3


120. "साधारणत: सन् ईसवी की दसवीं से लेकर चौदहवीं शताब्दी के काल को 'हिंदी साहित्य

का आदिकाल' कहा जाता है।" हिंदी के प्रारंभिक काल विषयक यह कथन किस विद्वान का है?

(1) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(2) रामचंद्र शुक्ल

(3) रामकुमार वर्मा

(4) डॉ. नगेंद्र

उत्तर- 1


121. "काल प्रवृत्ति का निर्णय प्राप्त ग्रंथों की संख्या द्वारा नहीं निर्णीत हो सकता, बल्कि उस काल

की मुख्य प्रेरणादायक वस्तु के आधार पर ही हो सकता है।" यह कथन किसका है?

(1) रामचंद्र शुक्ल

(2) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(3) डॉ. नगेंद्र

(4) रामकुमार वर्मा

उत्तर- 2


122. “अपभ्रंश के कवियों को विस्मरण करना हमारे लिए हानि की वस्तु है। यही कवि हिंदी काव्य-धारा के प्रथम स्रष्टा थे।” यह कथन किसका है?

(1) राहुल सांकृत्यायन

(2) मिश्रबंधु

(3) शिवसिंह सेंगर

(4) हजारीप्रसाद द्विवेदी

उत्तर- 1


123. असंगत विकल्प चुनिए:

(1) हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास - बच्चन सिंह

(2) हिंदी साहित्य: बीसवीं शताब्दी - बाबू श्यामसुंदर दास

(3) हिंदी साहित्य का इतिहास - लक्ष्मीसागर वार्ष्णेय

(4) हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास - रामकुमार वर्मा

उत्तर- 2



124. नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित 'हिंदी साहित्य का बृहत् इतिहास' के 'प्रथम भाग' का शीर्षक है

(1) हिंदी भाषा का विकास

(2) हिंदी साहित्य का उद्भव और विकास

(3) हिंदी साहित्य का अभ्युत्थान

(4) हिंदी साहित्य की पीठिका

उत्तर- 4


125. "मैं इस्लाम के महत्त्व को भूल नहीं रहा हूँ, लेकिन जोर देकर कहना चाहता हूँ कि अगर इस्लाम न आया होता तो भी इस साहित्य का बारह आना वैसा ही होता, जैसा आज है।"

हिंदी के भक्ति आंदोलन के संदर्भ में यह कथन किसका है?

(1) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

(2) आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी

(3) डॉ. रामकुमार वर्मा

(4) डॉ. नगेंद्र

उत्तर- 2


126. इतिहासकारों द्वारा मान्य 'हिंदी का प्रथम कवि' को सुसंगत कीजिए :

(अ) शिवसिंह सेंगर   i. स्वयंभू

(ब) रामकुमार वर्मा   ii. सरहपा /सरहपाद

(स) राहुल सांकृत्यायन iii. शालिभद्रसूरि

(द) गणपतिचंद्र गुप्त   iv. पुष्पदंत/पुष्य/पुंड

विकल्प :

    (अ) (ब) (स) (द)

(1) iv   ii  i   iii

(2) iii  i   iv  ii

(3) ii   iii i   iv

(4) iv   i   ii  iii

उत्तर- 4


127. कौन सा विकल्प सुमेलित नहीं है?

(1) श्रावकाचार - देवसेन

(2) नेमिनाथरास - सुमति गणि

(3) भरतेश्वर-बाहुबली - शालिभद्रसूर

(4) रेवंतगिरिरास - जिनधर्मसूरि

उत्तर- 4


128. सरहपा से संबंधित कौन सा तथ्य सही नहीं है?

(1) वे सिद्ध साहित्य के प्रारंभकर्ता थे।

(2) 'दोहाकोश' उनकी प्रसिद्ध रचना है।

(3) उनकी भाषा सर्वत्र सीधी सरल मानी जाती है।

(4) उन्होंने अंतस्साधना पर जोर देते को फटकार लगाई है।

उत्तर- 3


129. “शंकराचार्य के बाद इतना प्रभावशाली और इतना महिमान्वित महापुरुष भारतवर्ष में दूसरा नहीं हुआ।" - हजारीप्रसाद द्विवेदी की यह उक्ति किसके विषय में है?

(1) सरहपा

(2) गोरखनाथ

(3) रामानंद

(4) तुलसीदास

उत्तर- 2


130. डॉ. दशरथ शर्मा आदि कुछ विद्वान 'पृथ्वीराज रासो' के किस संस्करण को मूल रासो मानते हैं?

(1) बृहत्तम संस्करण (16306 छंद)

(2) मध्य संस्करण (70 छंद)

(3) लघु संस्करण (3500 छंद)

(4) सबसे छोटा संस्करण (1300 छंद)

उत्तर- 4


131. 'बीसलदेवरास' के संपादनकर्ता इनमें से हैं:

(1) आचार्य शुक्ल एवं दशरथ शर्मा

(2) दशरथ शर्मा एवं हजारीप्रसाद द्विवेदी

(3) माताप्रसाद गुप्त एवं अगरचंद नाहटा

(4) हजारीप्रसाद द्विवेदी एवं अगरचंद नाहटा

उत्तर- 3


132. आदिकालीन हिंदी कवि अमीर खुसरो विषयक कौन सा तथ्य सही नहीं है?

(1) उनकी पहेलियाँ, मुकरियाँ और दो सुखने हिंदी साहित्य में प्रसिद्ध हैं।

(2) उनकी रचनाओं में खड़ीबोली काव्यभाषा बनने का प्रयास कर रही थी।

(3) उन्होंने जनजीवन के साथ घुलमिलकर काव्यरचना की है।

(4) उनका लक्ष्य जनता को धर्मोपदेश देना मात्र था।

उत्तर- 4


133. आचार्य शुक्ल के अनुसार किस रचना के आधार पर विद्यापति 'मैथिल कोकिल' कहलाए?

(1) पदावली

(2) कीर्तिलता

(3) कीर्तिपताका

(4) लिखनावली

उत्तर- 1


134. इनमें से कौन सा विवरण सही नहीं है?

(1) सिद्धों की वाममार्गी भोगसाधना की प्रतिक्रिया में नाथपंथियों की हठयोग साधना प्रारंभ हुई।

(2) जैन साहित्य आचार, रास, फागु और चरित आदि शैलियों में रचा गया।

(3) हिंदी प्रदेश के पूर्वी भाग में जैन साधुओं ने हिंदी कविताओं के माध्यम से जैन मत का प्रचार किया।

(4) सिद्ध साहित्य बौद्ध धर्म की वज्रयान उपशाखा से विकसित हुआ।

उत्तर- 3


135. “आदि से अंत तक इन्हीं चित्तवृत्तियों की परंपरा को परखते हुए साहित्य परंपरा के साथ उनका सामंजस्य दिखाना ही साहित्य का इतिहास कहलाता है।" यह स्थापना किसकी है?

(1) मिश्रबंधु

(2) विजयदेवनारायण साही

(3) रामकुमार वर्मा

(4) रामचंद्र शुक्ल

उत्तर- 4


136. "इस संबंध में इसके अतिरिक्त और कुछ कहने की जगह नहीं कि यह पूरा ग्रंथ वास्तव में जाली है।" 'पृथ्वीराजरासो' विषयक यह स्थापना किसकी है?

(1) रामचंद्र शुक्ल

(2) कविराज श्यामलदास

(3) डॉ. बूलर

(4) गौरीशंकर हीराचंद ओझा

उत्तर- 1


137. "इस ग्रंथ में शृंगार की ही प्रधानता है, वीर रस का किंचित् आभास मात्र है।" रामचंद्र शुक्ल की यह मान्यता किस ग्रंथ के संदर्भ में है?

(1) पृथ्वीराजरासो

(2) बीसलदेवरासो

(3) खुमाणरासो

(4) विजयपालरासो

उत्तर- 2


138. "वे सांप्रदायिक शिक्षा मात्र हैं, अतः शुद्ध साहित्य की कोटि में नहीं आ सकतीं।" सिद्धों,

नाथों, योगियों की रचनाओं के विषय में यह किसका मत है?

(1) जॉर्ज ग्रियर्सन

(2) डॉ. नगेंद्र

(3) रामचंद्र शुक्ल

(4) मिश्रबंधु

उत्तर- 3


139. 'राउलवेल' के विषय में कौन सा तथ्य सही नहीं है?

(1) इसका रचयिता रोडा नामक कवि माना जाता है।

(2) यह मूलतः एक शिलांकित रचना है।

(3) यह गद्य-पद्य मिश्रित चंपूकाव्य है।

(4) इसमें राउल नामक नायक का शौर्य-वर्णन है।

उत्तर- 4


140. भगवान को सगुण मानकर उनकी भक्ति पर बल देने वाले भागवत धर्म के भेदों और उनके संस्थापकों को सुमेलित कीजिए:

(अ) श्री संप्रदाय       i. मध्वाचार्य

(ब) ब्रह्म संप्रदाय      ii. निंबार्काचार्य

(स) रुद्र संप्रदाय      iii. रामानुजाचार्य

(द) सनकादिक संप्रदाय iv. विष्णुस्वामी

विकल्प :

    (अ) (ब) (स) (द)

(1)  ii  iii  i  iv

(2)  iii i   iv  ii

(3)  iv  i  iii  ii

(4) iii  ii  iv  i

उत्तर- 2


141. कौन सा विवरण सही नहीं है?

(1) 'चौरासी वैष्णवन की वार्ता' में वल्लभाचार्य के शिष्यों की कथाएँ संकलित हैं।

(2) 'दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता' में विट्ठलनाथ के शिष्यों की कथाएँ हैं।

(3) उक्त दोनों वार्ताएँ गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा लिखी गई हैं।

(4) इन वार्ताओं में प्राचीन ब्रजभाषा गद्य का रूप मिलता है।

उत्तर- 3


142. आलवार भक्तों/संतों के विषय में कौन सा तथ्य गलत है?

(1) ये सुदूर दक्षिण के वैष्णव भक्त थे।

(2) इनकी संख्या 12 थी।

(3) ये सभी उच्च वर्ण-जाति के थे।

(4) आलवारों में आंडाल नाम की एक महिला भक्त भी थी।

उत्तर- 3


143. “हम अपने को ऐसे धार्मिक आंदोलन के सामने पाते हैं, जो उन सब आंदोलनों से कहीं अधिक विशाल है, जिन्हें भारतवर्ष ने कभी देखा है।" भक्ति-आंदोलन विषयक यह उक्ति किसकी है?

(1) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(2) रामचंद्र शुक्ल

(3) मिश्रबंधु

(4) जॉर्ज ग्रियर्सन

उत्तर- 4


144. “जिस साहित्य में केवल धार्मिक उपदेश हों, उससे वह साहित्य निश्चित रूप से भिन्न है। जिसमें धर्मभावना प्रेरक शक्ति के रूप में काम कर रही हो....... धार्मिक साहित्य होने मात्र से कोई रचना साहित्यिक कोटि से अलग नहीं की जा सकती।" यह कथन किसका है?

(1) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(2) रामचंद्र शुक्ल

(3) रामकुमार वर्मा

(4) मिश्रबंधु

उत्तर- 1


145. किस आचार्य के दार्शनिक सिद्धांत को 'भेदाभेदवाद' के नाम से भी जाना जाता है?

(1) रामानुजाचार्य

(2) निंबार्काचार्य

(3) मध्वाचार्य

(4) विष्णुस्वामी

उत्तर- 2


146. वल्लभाचार्य के विषय में कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) इनका दार्शनिक सिद्धांत शुद्धाद्वैतवाद कहलाता है।

(2) इनके मत को पुष्टिमार्ग कहा जाता है।

(3) इन्होंने अणुभाष्य, सुबोधिनी टीका आदि ग्रंथों की रचना की।

(4) मूलतः इनका संबंध रामानुजाचार्य के श्री संप्रदाय से स्थिर किया जाता है।

उत्तर- 4


147. “सच पूछा जाए तो मध्ययुग की समग्र स्वाधीन चिंता के गुरु रामानंद ही थे।" उक्त कथन किसका है?

(1) गोविंद त्रिगुणायन

(2) रामचंद्र शुक्ल

(3) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(4) पीतांबरदत्त बड़थ्वाल

उत्तर- 3


148. “सिद्ध-सामंत युग की कविताओं की सृष्टि आकाश में नहीं हुई। वे हमारे देश की ठोस धरती की उपज है।" यह कथन किसका है?

(1) रामचंद्र शुक्ल

(2) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(3) मिश्रबंधु

(4) राहुल सांकृत्यायन

उत्तर- 4


149. “विक्रम की सातवीं से ग्यारहवीं शताब्दी तक अपभ्रंश की प्रधानता रही और फिर वह पुरानी हिंदी में परिणत हो गई।"

हिंदी के प्रारंभिक काल की भाषा के बारे में यह कथन किसका है?

(1) महावीर प्रसाद द्विवेदी

(2) हजारीप्रसाद द्विवेदी

(3) चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी'

(4) रामकुमार वर्मा

उत्तर- 3


150. नंददास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के संबंध में कौन सा कथन सही नहीं है?

(1) वे गोस्वामी विट्ठलनाथ के शिष्य थे।

(2) अष्टछाप के कवियों में वे ही सर्वाधिक प्रसिद्ध हुए हैं।

(3) उनकी सर्वोत्कृष्ट रचनाएँ 'रासपंचाध्यायी' और 'भँवरगीत' हैं।

(4) 'रसमंजरी' नायक-नायिका-भेद संबंधित रचना है।

उत्तर- 2

RPSC Question Paper - PDF

RPSC Answer Key - PDF

Post a Comment

0 Comments