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विश्व जलवायु प्रदेश

विश्व जलवायु प्रदेश


सम्पूर्ण विश्व को भौगोलिक दृष्टिकोण से सामान्यतया बारह जलवायु प्रदेशों (Climatic Regions) में बाटा जाता है, जो निम्नलिखित हैं:-

मानसूनी जलवायु क्षेत्र

  • यह जलवायु प्रदेश उष्ण कटिबन्ध में 8° और 28° अक्षांश रेखाओं के बीच स्थित है।
  • मानसूनी प्रदेश में वर्षा अधिकांशतः जून से सितम्बर महीनों के बीच होती है।
  • मानसूनी प्रदेश में जाड़े की ऋतु वर्षा रहित होती है।
  • इस प्रदेश को 'ग्रीष्म-वर्षा जलवायु का प्रदेश' भी कहते हैं।
  • इस जलवायु में वर्ष के एक भाग में स्थल का प्रभाव और दूसरे भाग में समुद्र का प्रभाव प्रमुख रहता है।
  • इस प्रदेश में जाड़े में वाणिज्यिक पवनें (Trade winds) चलती हैं जो स्थल की ओर से आते हैं।
  • इस प्रदेश में गर्मी में पवन समुद्र की ओर से चलने लगती है।
  • मानसूनी प्रदेश के पौधे ग्रीष्म ऋतु आने के पहले ही अपने पत्ते गिरा देते हैं।
  • इस जलवायु प्रदेश में ग्रीष्म, शीत तथा वर्षा ऋतुएं स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।
  • मानसूनी प्रदेश में अत्यल्प वर्षा वाले क्षेत्रों में कांटेदार झाड़ियां उग आती है।
  • 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में उत्तम वृक्षों के जंगल मिलते हैं।
  • इस प्रदेश में सागवान और सखुआ (Sal) के मूल्यवान वृक्ष उल्लेखनीय है।
  • मानसूनी जंगल विषुवतीय जंगलों की तरह बहुत घने नहीं होते हैं।
  • प्रमुख मानसूनी प्रदेश- भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, थाइलैड, हिन्दचीन, दक्षिणी चीन, उत्तरी एवं दक्षिण वियतनाम और फिलीपीन्स एवं ऑस्ट्रेलिया का उत्तरी किनारा।
  • इस प्रदेश में सबसे पिछड़ा हुआ ऑस्ट्रेलिया (उत्तरी) है।
  • इस प्रदेश में सबसे विकसित एवं सभ्य भारत और बांग्लादेश हैं।
  • मानसून या भारतीय प्रदेश की जलवायु की विशेषता है कि यहां गर्मी, जाड़ा और वर्षा की अलग-अलग ऋतुएं होती है।
  • इस प्रदेश में 40°c तक का तापमान गर्मी में पहुंच जाता है तो सर्दियों में 10°c से नीचे तक चला जाता है। 
  • वार्षिक तापांतर लगभग 15°c तक मिलता है। 
  • वर्षा 40 सेमी. से 200 सेमी. तक होती है।
  • मेघालय के चेरापूंजी नामक स्थान में तो लगभग 1250 सेमी वर्षा होती है।
  • वर्षा की मात्रा में विभिन्नता के कारण वन​स्पतियां भी भिन्न प्रकार की पायी जाती है, जैसे- 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले प्रदेशों में सदाबहार वन (महोगनी, रबर, ताड़, बांस इत्यादि) एवं 100 से 200 सेमी. वाले प्रदेशों में पतझड़ वृक्ष (साल, सागौन) मिलते है। 

भूमध्यरेखीय या विषुवतरेखीय जलवायु प्रदेश 

  • यह प्रदेश विषुवत रेखा के दोनों ओर 5° अक्षांश रेखाओं के बीच स्थित है।
  • विषुवतीय या भूमध्यरेखीय प्रदेश में बारहों महीने तापमान ऊंचा रहता है।
  • इस प्रदेश में शरद या ग्रीष्म नाम की ऋतु नहीं होती है। 
  • इस प्रदेश में पूरे वर्ष की औसत तापमान 27° सेंटीग्रेड रहता है, इस प्रदेश में वर्ष भर वर्षा का योग लगभग 200 सेमी. से अधिक होता है। यहां वर्षा मूसलाधार एवं संवहनीय प्रकार की होती है। 
  • इस प्रदेश में रात और दिन के तापमान में 12° सेंटीग्रेड से कम का अन्तर रहता है। 
  • इस प्रदेश में वर्ष भर वर्षा होती रहती है।
  • इस प्रदेश में मार्च और नवम्बर में सबसे अधिक वर्षा होती है।
  • यह जलवायु प्रदेश दक्षिण अमेरिका की अमेजन बेसिन, अफ्रीका की कांगो बेसिन, गिनीतट, पूर्वी द्वीप समूह तथा फिलीपीन्स में पायी जाती है। 
  • इस प्रदेश में खूब घने जंगल उगते हैं। इस प्रदेश के जंगल सदाबहार या सेल्वा कहलाते हैं।
  • इस प्रवेश के वनों में पत्ती चौड़ी और घनी होती है।
  • इस प्रवेश के घने जंगलों में सूर्य की किरण धरती तक नहीं पहुंच पाती और सदैव अंधकार छाया रहता है।
  • विषुवतीय प्रदेश के वनों के पेड़ लगभग 60 मीटर ऊंचे होते हैं।
  • इस प्रदेश के निवासी काले रंग के होते हैं।
  • कांगो के घने जंगल विश्व प्रसिद्ध बौनों (Pigmies) के निवास स्थान हैं।
  • विषुवतीय प्रदेश के निवासी अपना आवास पेड़ों पर बनाते हैं।
  • विषुवतीय प्रदेश संसार में सुस्ती के लिए मशहूर हैं।
  • इस प्रदेशों के लोगों का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता और वे बीमार बहुत अधिक रहते हैं।
  • इस प्रदेश में बांस, लम्बी घास और कंटीली झाड़ियां अतिशीघ्रता से उगती हैं।
  • संसार के कुल रबर-उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत विषुवतीय प्रदेश से प्राप्त होता है।
  • विषुवतीय प्रदेशों में चाय, रबर, कहवा, मिर्च, सुपारी, साबूदाना, सिनकोना, चंदन और केला आदि भी बहुतायत से पैदा किये जाते हैं।

सवाना तुल्य जलवायु प्रदेश

  • इसे सूडान तुल्य जलवायु प्रदेश के नाम से भी जाना जाता है। इस जलवायु की विशेषता यहां का वार्षिक तापमान सदैव ऊंचा रहता है।
  • सूडानी प्रदेश विषुवत रेखा के दोनों और 35° अक्षांश तक ( 10 से 35° अक्षाश के बीच) मिलते हैं।
  • इस प्रदेश का विस्तृत क्षेत्र अफ्रीका के सूडान में मिलता है।
  • ग्रीष्मकाल में सूडानी प्रदेश का तापमान 46° सेंटीग्रेड तक पहुंच जाता है।
  • इस प्रदेश का विषुवतीय किनारों की ओर जाड़े का औसत ताप 25.5° सेंटीग्रेड रहता है।
  • इस प्रदेश में वर्षा सूर्य का अनुसरण करती है।
  • सूर्य के लम्बे रूप में आने पर सूडानी प्रदेश में घनघोर वर्षा होती है।
  • इस प्रदेश की वर्षा का योग 50 से 100 सेमी रहता है।
  • इस प्रदेश की मुख्य वनस्पति लम्बी और सूखी घास है, जो सवाना के नाम से प्रसिद्ध है।
  • इस प्रदेश की घास की लम्बाई 1.5 मीटर से 3.0 मीटर तक की होती है।
  • इस प्रदेश के मनुष्य मुख्यतः शिकारी है।
  • सूडान से संसार का 70% गोंद प्राप्त होता है।

सहारा तुल्य जलवायु क्षेत्र

  • उष्ण मरुस्थल या सहारा प्रदेश की जलवायु उष्णता और शुष्कता के लिए प्रसिद्ध है।
  • संसार में सबसे अधिक तापमान सहारा प्रदेश में मिलता है।
  • सहारा मरुभूमि के अजीजिया नामक स्थान में 58° सेटीग्रेड का तापमान पाया जाता है।
  • कैलिफोर्निया की मृतघाटी (Death Valley) में 57° सेंटीग्रेड तापमान पाया गया है।
  • पाकिस्तान स्थित जैकोबाबाद में 52° सेंटीग्रेड तक तापमान मिलता है।
  • इस प्रदेश में वर्षा प्रायः नहीं होती है।
  • इस प्रदेश में बड़े-बड़े तूफान आते हैं।
  • यह प्रदेश उच्च वायुदाब की स्थायी पट्टियों में स्थित है।
  • मरुस्थलों में औसत वर्षा 10 से 12 सेमी होती है।
  • प्रचण्ड गर्मी तथा कम वर्षा के कारण, सहारा प्रदेश में प्राकृतिक वनस्पति का पूर्णतः अभाव है।
  • कहीं-कहीं पर सहारा प्रदेश में ताड़ और खजूर के पेड़ मिलते हैं।
  • सहारा प्रदेश महादेशों के पश्चिमी ओर 15 डिग्री और 30 डिग्री अक्षाशों के बीच स्थित है।
  • इस प्रदेश में बहुत कम लोग रहते है।
  • मरु उद्यानों में खजूर, मकई, ज्वार, बाजरा, कपास, तम्बाकू इत्यादि पैदा किये जाते हैं।
  • इस प्रदेश के लोग अपना घर ठण्डा रखने के लिए इसे मोटे पत्थरों का बनाते है।
  • सहारा प्रदेशों में यातायात के लिए, मुख्य सवारी ऊंट है।
  • इस प्रदेश में ऊंट को 'मरुस्थल का जहाज' भी कहा जाता है।
  • मरुस्थल सभ्यता और मानव-क्रियाकलाप के लिए बाधक है।

भूमध्यसागरीय जलवायु क्षेत्र

  • भूमध्य सागरीय प्रदेश में न अधिक गर्मी पड़ती है और न ही अधिक सर्दी।
  • इस प्रदेश में गर्मी में औसत तापमान 21° सेंटीग्रेड और 27° सेटीग्रेड के बीच रहता है।
  • जाड़े में भूमध्यसागरीय प्रदेश में तापमान 4° से 10° सेंटीग्रेड के बीच रहता है।
  • भूमध्यसागरीय प्रदेश में वर्षा पर्वतीय और चक्रवातीय दोनों प्रकार की होती है।
  • इस प्रदेश की वनस्पतियों में झाड़िया और छोटे-छोटे पेड़ होते हैं।
  • यह प्रदेश खट्टे व रसदार फलो (अंगूर नीबू नारंगी, शहतूत, नाशपाती, अनार इत्यादि) के लिये प्रसिद्ध है।
  • यह प्रदेश पश्चिमी तट पर 30° अक्षाश से लेकर 45° अक्षांश के बीच स्थित है।
  • कैलिफोर्निया, मध्य चिली. ऑस्ट्रेलिया का दक्षिणी भाग आदि भूमध्य सागरीय प्रदेश के अन्तर्गत आते हैं।
  • भूमध्यसागरीय प्रदेश के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती करना और पशु चराना है।
  • फल निर्यात के लिये कैलीफोर्निया विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
  • भूमध्य सागरीय प्रदेश में पशु चराने का काम मुख्यतः पठारों पर होता है।
  • इस प्रदेश की भेड़ें उत्तम ऊन के लिए विश्व में प्रसिद्ध है।
  • तुर्की की पश्मीना ऊन (बकरों के बाल) से कीमती कालीन तैयार किये जाते है।
  • भूमध्य सागरीय प्रदेश में पुरानी सभ्यताएं पनपी थीं ।
  • भूमध्य सागरीय प्रदेश की आनन्ददायिनी जलवायु ही सभी प्रकार की उन्नति का आधार है।

शीतोष्ण जलवायु प्रदेश

  • शीतोष्ण मानसून या चीन तुल्य प्रदेश महादेशों के पूर्वी भाग में स्थित है, जिनमें भूमध्यसागरीय प्रदेश तथा शीतोष्ण मरुस्थल स्थित हैं।
  • शीतोष्ण मानसून प्रदेश में गर्मी में खूब गर्मी पड़ती है।
  • गर्मी का औसत तापमान 32 डिग्री सेंटीग्रेड रहता है।
  • शीतोष्ण मानसूनी प्रदेश में कुछ ऐसे स्थान हैं, जहां हर महीने वर्षा होती है।
  • इस प्रदेश में वार्षिक वर्षा का योग 75 सेमी. से 150 सेमी. तक होता है।
  • इस प्रदेश में अधिकतर सदाबहार पेड़ उगते हैं।
  • उत्तरी अमेरिका के चीनी प्रदेश कपास की खेती के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया कोयले के निर्यात के लिए प्रसिद्ध है।
  • संसार की सर्वाधिक जनसंख्या चीन में हैं।

पश्चिमी यूरोपीय जलवायु प्रदेश

  • पश्चिम यूरोपीय प्रदेश की जलवायु ऐसी है जिस पर समुद्र का प्रभाव बराबर बना रहता है।
  • पश्चिम यूरोपीय प्रदेश में जाड़े का औसत ताप 4 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहता है।
  • गर्मी में, पश्चिमी यूरोपीय प्रदेश का ताप 16 डिग्री सेंटीग्रेड बना रहता है।
  • इस प्रदेश में वर्षा हर महीने होती रहती है।
  • पश्चिम यूरोपीय प्रदेश या शीत-समुद्री जलवायु प्रदेश में वर्षा पश्चिम से पूर्व की ओर घटती है।
  • बिटेन में 200 सेमी. या इससे अधिक वर्षा होती है।
  • कोलम्बिया में 250 सेमी. तक वर्षा होती है।
  • पश्चिम यूरोपीय प्रदेश की प्राकृतिक वनस्पति शीतोष्ण पतझड़ वन है।
  • इस प्रदेश में ध्रुवीय पतझड़ और कोणधारी पेड़ मिलते हैं।
  • इस प्रदेश का सबसे बड़ा विस्तार क्षेत्र पश्चिम यूरोप ही है।
  • पश्चिम यूरोपीय प्रदेश, कृषि, वाणिज्य तथा उद्योग धंधे आदि में बहुत अधिक विकसित है।
  • इस प्रदेश की जलवायु शारीरिक एवं मानसिक दोनों प्रकार के कार्यों के लिए अत्यन्त उपयुक्त है।
  • इस प्रदेश की जलवायु को 'परिश्रम का क्षेत्र' (Region of efforts) कहा जाता है।
  • पश्चिम यूरोपीय प्रदेश खनिज पदार्थों ओर बड़े-बड़े उद्योग धन्धों के लिए प्रसिद्ध है।
  • स्टेपी या प्रेयरी प्रदेश उन महादेशों के भीतरी भाग में पाये जाते हैं जो समुद्र के प्रभाव से दूर हैं।
  • प्रेयरी-प्रदेश में गर्मी में असाधारण गर्मी और जाड़े में अधिक ठण्ड पड़ती है।
  • प्रेयरी प्रदेश में गर्मी में औसत तापमान 21 डिग्री सेंटीग्रेड के आस-पास रहता है।
  • समुद्री प्रभाव से बहुत दूर रहने के कारण वर्षा अधिक नहीं होती है।
  • उत्तरी अमेरिका के प्रेयरी प्रदेश में 1 00 सेमी. तक वर्षा होती है।
  • उत्तरी गोलार्द्ध में जाड़े में बर्फ गिरती है।
  • इस प्रदेश की मुख्य वनस्पति घास है।

शीतोष्ण प्रदेशीय घास प्रदेश या स्टेप तुल्य जलवायु प्रदेश

  • यह शीतोष्ण प्रदेशीय घास का प्रदेश है।
  • इसके अंतर्गत रूसी व चीन तुर्कस्तान, साइबेरिया का स्टेप प्रदेश, उत्तरी अमेरिका के मध्यवर्ती मैदान में प्रेयरी प्रदेश, दक्षिण अमेरिका में पम्पास, ऑस्ट्रेलिया में डाउन्स व दक्षिण अमेरिका का वेल्ड क्षेत्र सम्मिलित है।
  • ग्रीष्म कालीन औसत तापमान 38 डिग्री सेटी. तथा वर्षा की मात्रा 25 से 50 सेमी. तक रहती है।
  • यह कृषि और पशुपालन प्रदेश है। यह प्रदेश मुख्यत: गेहूँ उत्पादक क्षेत्र है।
  • कृषि विकास की तीव्रगति को देखते हुए इस प्रदेश को भविष्य का खाद्यान्न भण्डार कहते हैं।

टैगा या साइबेरिया तुल्य जलवायु प्रदेश

  • साइबेरिया तुल्य प्रदेश या टैगा प्रदेश उत्तरी गोलार्द्ध 45° में डिग्री और 65° अक्षांशों के मध्य स्थित है
  • टैगा प्रदेशों की जलवायु साइबेरिया प्रकार की है।
  • इस प्रदेश में जाड़े की ऋतु लम्बी होती है।
  • गर्मी की ऋतु छोटी और साधारण गरम होती हैं।
  • टैगा प्रदेश में गर्मी में औसत तापमान 48° सेंटीग्रेड तक पहुंच जाता है।
  • विश्व में सर्वाधिक तापान्तर टैगा प्रदेशों की जलवायु में होता है
  • विश्व का सर्वाधिक ठण्डा स्थान वोयांस्क टैगा प्रदेश में है।
  • पूर्वी साइबेरिया में जनवरी का औसत तापमान 49° सेंटीग्रेड तक पाया जाता है।
  • टैगा प्रदेश में जाड़े में बर्फ गिरती रहती है।
  • गर्मी में समुद्री किनारों पर 30 से 50 सेमी. तक वर्षा होती है।
  • टैगा प्रदेशों की मुख्य वनस्पति शीतवन हैं।
  • शीतवन 'टैगा' नाम से प्रसिद्ध है।
  • टैगा प्रदेश उत्तरी गोलार्द्ध में अलास्का से लेकर कनाडा तक तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में सिर्फ दक्षिणी अमेरिका के दक्षिणी भाग में फैला हुआ है।
  • टैगा प्रदेश के लोगों का मुख्य व्यवसाय शिकार करना, मछली मारना तथा लकड़ी काटना इत्यादि है।
  • टैगा प्रदेशों की भूमि बहुमूल्य खनिज द्रवों से भरी हुई हैं।
  • टैगा प्रदेशों में यातायात का अभाव है।

टुण्ड्रा जलवायु प्रदेश

  • शीत मरुस्थल या टुण्ड्रा प्रदेश उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुवों पर पाये जाते है।
  • टुण्ड्रा प्रदेश में अत्यधिक ठण्ड पड़ती है।
  • संसार का न्यूनतम तापमान टुण्ड्रा प्रदेश में मिलता है।
  • न्यूनतम तापमान - 71° - 82° सेंटीग्रेड तक पहुंच जाता है।
  • टुण्ड्रा प्रदेशों के कुछ भागों में सूर्य दिखाई नहीं पड़ता है।
  • इस प्रदेश में जाड़े की ऋतु अत्यधिक लम्बी होती है।
  • इस प्रदेश की प्रमुख वनस्पति झाडियां और काइयां हैं।
  • इस प्रदेश में पाये जाने वाले बारहसिंघों का प्रमुख भोजन झाडियां और काइयां हैं।
  • ग्रीनलैण्ड और आइसलैंड में कई जाति की वनस्पति शैवाल के रूप में उगती है।
  • शैवाल को मनुष्य भोजन तक के रूप में प्रयोग करते है।
  • टुण्ड्रा प्रदेश के लोग 'स्लेज' खींचने के लिए कुत्तों का उपयोग करते हैं।
  • दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में पेंगुइन पक्षी बहुतायत में पाये जाते है ।
  • उत्तरी अमेरिका के (ग्रीनलैंड के) टुण्ड्रा निवासी 'एस्किमो' कहलाते हैं।
  • इस प्रदेश में सील तथा ह्वेल जैसे समुद्री प्राणी अधिक पाये जाते हैं।
  • टुण्ड्रा प्रदेश के निवासी खानाबदोशी का जीवन व्यतीत करते हैं।
  • बारहसिंघे टुण्ड्रा प्रदेश के निवासियों के लिए सवारी तथा आहार के काम आते हैं।
  • यूरोप के टुण्ड्रा निवासी लैप के नाम से जाने जाते हैं।
  • एशिया के टुण्ड्रा निवासियों को 'सैमाइड' कहा जाता है।
  • टुण्ड्रा प्रदेश के निवासी सभ्यता की दौड़ में पीछे है।

सेंट लारेंस जलवायु प्रदेश

  • कुछ भूगोल विज्ञानी बारहवें जलवायु क्षेत्र को सेंट लारेंस जलवायु प्रदेश भी कहते हैं।
  • यह जलवायु प्रदेश प्राय: उत्तरी अमेरिकी प्रायद्वीप में पाया जाता है।

भूमध्यसागरीय प्रदेश

  • भूमध्य सागरीय प्रदेश महाद्वीपों के पश्चिमी किनारे पर 30°-45° अक्षाशों के मध्य दोनों गोलार्द्धों में विस्तृत है।
  • भूमध्य सागर का तटीय प्रदेश पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, सर्विया एवं मोन्टेनेग्रो, ग्रीस, तुर्की, सीरिया, इजरायल, मिस्र लीबिया, अल्जीरिया, मोरक्को के तटीय क्षेत्र, दक्षिण अफ्रीका का केप प्रांत, कैलीफोर्निया घाटी, मध्य चिली, दक्षिण पश्चिमी व दक्षिण पूर्वी ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड का उत्तरी द्वीप इस प्रदेश के अंग है।
  • वर्षा 50 से 100 सेमी. के मध्य केवल सर्दियों में होती है तथा ग्रीष्म कालीन औसत तापमान 27° सेटीग्रेड तथा शरद कालीन औसत तापमान 10° सेंटीग्रेड होता है।
  • उष्ण व शुष्क ग्रीष्म काल के कारण चिकनी, मोटी व रोएदार छाल, मोटी व गहरी जड़ों वाली वनस्पति उगती है। ये कृषि, खनन व औद्योगिक दृष्टि से विकसित प्रदेश है।

कबीलाई मानवों के कुछ प्रमुख आवास


1. ऑल (Aul): यह यूरोप के काकेशस पर्वतीय एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों में पायी जाने वाली मानव प्रजाति का तम्बूनुमा आवास है। यह लकड़ी के ऊपर चमड़ा मढ़कर वृत्ताकार ढांचे में बना होता है।

2. इग्लू (Igloo): यह टुंड्रा प्रदेश के एस्किमो प्रजातियों द्वारा बर्फ से बनाया गया अर्द्ध गोलाकार आवास है।

3. इज्बा (lzba): यह उत्तरी रूस के ग्रामीण क्षेत्रों में तिकोनी रंगीन दीवारों से बना मानव आवास है।

4. क्राल (Kral): यह अफ्रीका के वांटु एवं काफिर तथा नेटाल (दक्षिण अफ्रीका) के जूलू प्रजातियों द्वारा घास से निर्मित मानव अधिवास है ।

5. तिपि (Tipi): यह रोकी पर्वत (अमेरिका) के पूर्वी भागों में निवास करने वाले रेड इडियनो द्वारा निर्मित तम्बू के आकार का आवास है जो मुख्यत बिसन बैल के चमड़े से बनाया जाता है।

6. युर्त (Yurt): यह मध्य एशिया के स्टेपी क्षेत्र के निवासियों खिरगीज, कालमुख और कज्जाक द्वारा पशुओ की खालों से निर्मित अस्थायी मानव आवास है।

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