Saturday, May 4, 2019

कार्यालयी-पत्र



  • कार्यालयी या सरकारी पत्र से हमारा अभिप्राय ऐसे पत्र से है, जो किसी सरकारी पदाधिकारी द्वारा सरकारी उद्देश्य की पूर्ति हेतु किसी अन्य सरकारी पदाधिकारी या कर्मचारी अथवा किसी गैर-सरकारी व्यक्ति, फर्म या संस्था को लिखे जाते हैं।
  • सरकारी पत्र कई प्रकार के होते हैं। जिनमें सामान्य सरकारी पत्र, अधिसूचना, परिपत्र, ज्ञापन-पत्र (स्मरण पत्र) विज्ञप्ति, अनुस्मारक, अर्द्ध सरकारी पत्र, कार्यालय आदेश आदि प्रमुख हैं। हर सरकारी पत्र अपने निश्चित प्रारूप में ही लिखा जाता है-


सामान्य पत्र

राजस्थान सरकार
जिलाधीश कार्यालय, जोधपुर।
पत्र क्रमांक: जिका/जोध/2002-03/1023  दिनांक 14 सितम्बर, 2003

प्रेषक:
जिलाधीश,
जोधपुर।

प्रेषित/सेवामें
राजस्व सचिव,
राजस्व विभाग,
राजस्थान सरकार,
जयपुर।

विषय: अकाल राहत कार्यों की स्वीकृति।
संदर्भ: पत्र क्रमांक जिका/जोध/02-03/931 दि. 25 जुलाई, 2003

महोदय,
मैं आपका ध्यान इस जिले की चिन्ताजनक स्थिति की ओर आकृष्ट करना चाहता हूं। गत तीन वर्षों से जिले में वर्षा के नितान्त अभाव के कारण फसलें नहीं हो रही है। किसानों के पास न भरपेट अनाज है और न ही जीविकोपाजर्न का कोई साधन। फलतः जिले के किसान जीविकोपार्जन हेतु पलायन कर रहे हैं। गाँवों में अन्न, जल तथा चारे का घोर संकट उपस्थित हो गया है। यदि समय पर शासन द्वारा राहत कार्य आरम्भ नहीं किये गये तो जिले में भुखमरी फैलने की आशंका है। अतः पूर्व पत्र के क्रम में पुनः अनुशंसा करता हूं कि जिले में राहत कार्य आरम्भ करने की अनुमति प्रदान करावें ताकि समय पर अकाल पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

संलग्न: गिरदावरी रिपोर्ट।

भवदीय
हस्ताक्षर
जिलाधीश, जोधपुर

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