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Thursday, March 22, 2018

पद्म पुरस्कार वितरण




मानस बिहारी वर्मा को पद्म श्री प्रदान किया। ‘तेजस कार्यक्रम’ के पूर्व कार्यक्रम निदेशक श्री वर्मा ने प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।सेवानिवृत्त होकर वे गरीब बच्चों को विज्ञान व कम्प्यूटर शिक्षा देने के लिए बिहार के गांवों में लौट आए।
प्रोफेसर राजगोपालन वासुदेवन को पद्म श्री प्रदान किया। उन्होंने सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे के पुनः प्रयोग की विधि को पेटेन्ट करवाया। यह प्रौद्योगिकी उन्होंने सरकार को निःशुल्क दी है। इससे 11 राज्यों में 5,000 किलोमीटर की सड़कें बनायी गई हैं।
श्री किदाम्बी श्रीकांत को पद्म श्री प्रदान किया। वह ग्रां प्री गोल्ड, सुपर सीरीज और सुपर सीरीज प्रीमियम खिताबों के रूप में तीनों स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
डॉ सुलागित्ती नरसम्मा को समाज सेवा के लिए पद्म श्री प्रदान किया। खेतिहर मजदूर रही 90 वर्ष से अधिक आयु की डॉ नरसम्मा कर्नाटक के पिछड़े इलाकों में प्रसव संबंधी सेवाएं निःशुल्क प्रदान करती हैं। उन्होंने 70 वर्षों के दौरान 15,000 से ज्यादा प्रसूतियां सम्पन्न करायी हैं।
श्रीमती वी. नानम्मल को पद्म श्री प्रदान किया। भारत की वयश्रेष्ठ योग शिक्षिका श्रीमती नानम्मल 98 वर्ष की आयु में भी प्रतिदिन योगाभ्यास करती हैं और 100 विद्यार्थियों को योग सिखाती हैं। उन्होंने दस लाख से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है।
श्रीमती वी. नानम्मल को पद्म श्री प्रदान किया। भारत की वयश्रेष्ठ योग शिक्षिका श्रीमती नानम्मल 98 वर्ष की आयु में भी प्रतिदिन योगाभ्यास करती हैं और 100 विद्यार्थियों को योग सिखाती हैं। उन्होंने दस लाख से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है।
कला (मूर्तिकला) के क्षेत्र में श्री प्रवाकर महाराणा को पद्म श्री प्रदान किया। ओडिशा की पारंपरिक मूर्तिकला के दिग्गज मूर्तिकार और संरक्षक श्री महाराणा ने विश्व भर में ओडिशा की पारंपरिक पाषाण शिल्प कला के प्रोत्साहन में योगदान दिया है।
श्रीमती लक्ष्मीकुट्टी को पद्म श्री प्रदान किया। उन्होंने विशेषकर सर्प और कीट दंश के शिकार हजारों लोगों का उपचार प्राकृतिक चिकित्सा से किया है। अपनी याददाश्त से वे 500 हर्बल दवाएं तैयार कर लेती हैं।
कला के क्षेत्र में श्री प्राण किशोर कौल को पद्म श्री प्रदान किया। कश्मीरी भाषा और थिएटर निर्देशक श्री कौल जम्मू और कश्मीर में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए जाने जाते हैं। वह दूरदर्शन टीवी धारावाहिक ‘गुल-गुलशन गुलफान’ के लिए प्रसिद्ध हैं।
साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में श्री एम. पियोंगतेमजिन जमीर को पद्म श्री प्रदान किया। वह नागालैंड के हिन्दी विद्वान और शिक्षक हैं जिन्होंने चार हजार से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाया है। इनमें से एक हजार विद्यार्थी आज हिन्दी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
चिकित्सा में डॉ येशी ढोंडेन को पद्म श्री प्रदान किया। भिक्षु-चिकित्सक और सोवा रिगपा (तिब्बती हर्बल मेडिसिन) के विशेषज्ञ डॉ ढोंडेन ने हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में कार्य करते हुए हर्बल दवाओं और आहार के ज़रिए हजारों रोगियों का उपचार किया।
चिकित्सा में डॉ. अभय बांग और डॉ. रानी बांग को पद्म श्री प्रदान किया। दोनों ने 30 साल से सेवा करते हुए गढ़चिरौली, महाराष्ट्र में स्वास्थ्यचर्या की काया पलट कर दी। शिशु देखभाल के उनके परिचर्या मॉडल से शिशुमृत्यु-दर में काफी कमी आई जिसे पूरे देश में अपनाया गया
सऊदी अरब की पहली प्रमाणित योग प्रशिक्षक सुश्री नोफ अलमारवाई को पद्म श्री प्रदान किया। उन्होंने सऊदी अरब में योग को कानूनी मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जन्म से ऑटो इम्यून रोग से पीडि़त अलमारवाई ने योग एवं आयुर्वेद से अपने रोग पर विजय प्राप्त की
साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में श्री अनवर जलालपुरी (मरणोपरांत) को पद्म श्री प्रदान किया। लखनऊ के उर्दू शायर श्री अनवर अहमद ने सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गीता के 700 से अधिक श्लोकों का उर्दू में अनुवाद किया।
कला (संगीत) के क्षेत्र में पंडित अरविंद पारीख को पद्म भूषण प्रदान किया। सितारवादक और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के सांस्कृतिक राजदूत पंडित पारीख यूनेस्को की ‘अंतरराष्ट्रीय संगीत परिषद्’ के पूर्व उपाध्यक्ष हैं।
डॉ. रामचंद्रन नागास्वामी को पद्म भूषण प्रदान किया। पुरातत्वविद् और इतिहासकार डॉ. नागास्वामी को मंदिरों में चोलकालीन शिलालेखों के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। वह तमिलनाडु पुरातत्व विभाग के संस्थापक-निदेशक हैं।
भारत में सबसे लंबे समय से सेवारत बिशप डॉ. फिलिपोस मार क्रिसोस्टम को पद्म भूषण प्रदान किया। डॉ. क्रिसोस्टम ने गरीबों और वंचितों की सामाजिक और आर्थिक दशा को सुधारने के लिए अनेक परियोजनाएं तैयार कीं और कार्यान्वित कीं।
साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में श्री पी.परमेश्वरन को पद्म विभूषण प्रदान किया। एक विद्वान लेखक, श्रेष्ठ वक्ता और उद्यमशील बौद्धिक श्री पी. परमेश्वरन विवेकानंद केन्द्र, कन्याकुमारी के अध्यक्ष हैं।
संगीत के क्षेत्र में उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को पद्म विभूषण प्रदान किया। वह रामपुर-सहसवान घराने के वरिष्ठ सदस्य हैं और इस घराने के प्रमुख गायकों की सूची में शामिल हैं। वे हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायक, संगीत निर्देशक, विद्वान और शिक्षक हैं।
संगीत और तमिल भाषा में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री इलैयाराजा को पद्म विभूषण प्रदान किया।

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