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Thursday, October 19, 2017

राजस्थान में उद्योग - चीनी उद्योग

चीनी उद्योग

  • राजस्थान में सर्वप्रथम 1932 में चित्तौड़गढ़ जिले के भोपाल सागर में 'दी मेवाड़ शुगर मिल्स' चीनी मिल की स्थापना की गई।
  • 1937 में श्रीगंगानगर में दी गंगानगर शुगर मिल्स नाम से स्थापित हुआ। इसमें शक्कर बनाने का कार्य 1946 में प्रारम्भ हुआ।
  • 1 जुलाई 1956 से यह कारखाना सार्वजनिक क्षेत्र के अन्तर्गत हे तथा श्रीगंगानगर शुगर मिल्स लि. नाम परिवर्तित कर दिया गया। इसी मिल में चुकन्दर से चीनी बनाने की योजना 1968 से प्रारम्भ की गई।
  • सरकारी क्षेत्र में श्री केशोरायपाटन सहकारी शुगर मिल्स लिमिटेड की स्थापना 1965 में बूंदी जिले में की गई।
  • सन् 1976 में उदयपुर में चीनी मिल निजी क्षेत्र में स्थापित की गई।
  • राजस्थान कुल कृषि भूमि के लगभग 10-16 प्रतिशत गन्ने का उत्पादन करता है जो भारत के कुल उत्पादन का 1.11 प्रतिशत है।
  • चुकन्दर से चीनी बनाने के लिए श्रीगंगानगर शूगर मिल्स लिमिटेड में एक योजना 1968 में आरम्भ की गई थी।
  • दी गंगानगर शुगर मिल्स शराब बनाने का कार्य भी करती है जिसके केन्द्र अजमेर, अटरू, प्रतापगढ़ तथा जोधपुर हैं।

सीमेन्ट उद्योग

  • 1915 ई. में राजस्थान में सबसे पहला सीमेन्ट कारखाना लाखेरी, बूंदी में क्लीक निकसन कम्पनी द्वारा स्थापित किया गया। 1917 में उत्पादन शुरू।
  • राज्य में जयपुर उद्योग लिमिटेड सवाईमाधोपुर स्थित कारखाना, दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीमेंट कारखाना माना जाता है जो वर्तमान में बंद है।
  • सर्वाधिक क्षमता की दृष्टि से जे.के.सीमेन्ट, निम्बाहेड़ा कारखाना तथा कम उत्पादन क्षमता की दृष्टि से श्री राम सीमेन्ट, श्री रामनगर कोटा है।
  • चित्तौड़गढ़ जिला सीमेंट उद्योग के लिए अनुकूल है।
  • जोधपुर-सिरोही क्षेत्र में चूनापत्थर की सबसे अच्छी किस्म।
  • राजस्थान में सफेद सीमेन्ट का उत्पादन गोटन, नागौर में होता है।
  • वर्तमान में मांगरोल, चित्तौड़गढ़ में सफेद सीमेंट का उत्पादन
  • जोधपुर के खारिया खंगार में भी सफेद सीमेंट का कारखाना स्थापित किया गया है।
  • सीमेंट उत्पादन की दृष्टि से राजस्थान का देश में अग्रणी स्थान है। सर्वप्रथम 1904 में समुद्री सीपियों से सीमेन्ट बनाने का मद्रास में प्रयास किया गया था।


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