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राजस्थान के प्रमुख शोध संस्थान एवं संग्रहालय

 


  • राजस्थान में आजादी से पूर्व विभिन्न रियासतों ने कला का संरक्षण एवं उसे प्रोत्साहन देने का कार्य किया गया है। इस दौरान करीब 10 कला संग्रहालय स्थापित किए गए थे।
  • सबसे पहले जयपुर में महाराजा रामसिंह के शासनकाल में वर्ष 1876 में प्रिंस अल्बर्ट ने संग्रहालय की नींव रखी और इसका नाम अल्बर्ट म्यूजियम रखा गया।
  • अजमेर के ऐतिहासिक दुर्ग अकबर का किला में राजपूताना म्यूजियम की स्थापना वर्ष 1908 में गवर्नर जनरल के एजेंट द्वारा की गई।
  • जोधपुर में 1909 में तथा हाड़ौती क्षेत्र में 1915 में झालावाड़ में पहला संग्रहालय स्थापित किया गया।
  • बीकानेर में इटली के भाषाविज्ञ एवं कला विद्वान डॉ. एल.पी. टेसीटोरी को आमंत्रित कर एक विस्तृत सर्वेक्षण करवाकर गंगानगर-बीकानेर क्षेत्र की महत्त्वपूर्ण पुरासामग्री का संकलन करके 1937 में संग्रहालय की स्थापना की गई।
  • 1940 ई. में अलवर में, 1944 ई. में भरतपुर एवं कोटा में तथा 1949 ई. में आमेर संग्रहालय की स्थापना हुई।
  • वर्ष 1950 में पुरातत्त्व एवं संग्रहालय विभाग का गठन किया गया और वर्ष 1965 में माउंट आबू और वर्ष 1968 में मंडोर संग्रहालय स्थापित किए गए।

प्रमुख कला संस्थाएं एवं संग्रहालय-


अल्बर्ट हॉल म्यूजियम 

  • प्रदेश का सबसे बड़ा संग्रहालय अल्बर्ट हॉल है। जो प्रदेश की राजधानी जयपुर के राम निवास बाग में स्थित है। इस संग्रहालय की नींव रामसिंह द्वितीय के शासन काल में 1876 ई. में प्रिंस ऑफ वेल्स अल्बर्ट एडवर्ड के द्वारा रखी गई थी।
  • इसका निर्माण सैमुअल स्विंटन जैकब, मीर तुजुमूल हुसैन की सहायता से डिजाइन एवं पर्यवेक्षण किया गया था।
  • इसका निर्माण कार्य माधो सिंह द्वितीय के समय में पूरा हुआ और उद्घाटन वर्ष 1887 में सर एडवर्ड बेडफोर्ड के द्वारा किया गया था।
  • यह म्यूजियम राजस्थान का प्रथम म्यूजियम है।
  • इसमें प्राचीनकालीन मिश्र की ममी रखी गई है।
  • सबसे बड़ा संग्रहालय है।
  • इस संग्रहालय में कई पुराने चित्र, दरियां, हाथीदांत, कीमती पत्थर, मूर्तियां आदि को संरक्षित किया गया है।

राजस्थान पुरातत्त्व एवं संग्रहालय विभाग, जयपुर

  • स्थापना: 1950 में, जयपुर में
  • 'द रिसर्चर': विभाग द्वारा प्रकाशित पत्रिका

राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेर

  • वर्ष 1955 में इसकी स्थापना जयपुर में की गई थी। लेकिन वर्ष 1960 में इसे जयपुर से बीकानेर स्थानान्तरित कर दिया गया।
  • राजस्थान राज्य अभिलेखागार की स्थापना का मुख्य उद्देश्य इतिहास में लिखित सामग्री को सुरक्षित रखना था।
  • इसके मुख्यालय के अलावा जयपुर, अलवर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर में 6 अन्य शाखाएं भी बनायी गई हैं।

प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान, जोधपुर

  • स्थापना: वर्ष 1955 में जोधपुर
  • राजस्थान सरकार के द्वारा वर्ष 1950 में संस्कृत मंडल की स्थापना की गई थी। संस्कृत मंडल का पुनर्गठन कर 1955 में प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान के रूप में बदल दिया गया था।

अरबी फारसी शोध संस्थान, टोंक

  • इसकी स्थापना कसरे इल्म के नाम से वर्ष 1978 में टोंक में की गई थी।
  • अरबी फारसी शोध संस्थान में औरंगजेब द्वारा लिखित पुस्तक 'आलमगिरी कुरान' तथा शाहजहां द्वारा लिखवाई गई पुस्तक ‘कुराने कमाल’ रखी गई है।

सर छोटूराम स्मारक संग्रहालय (संगरिया)

  • इसकी स्थापना स्वामी केशवानंद ने हनुमानगढ़ जिले के संगरिया नामक स्थान पर की थी।
  • इसमें विशाल कमंडल तथा महाराजा रणजीत सिंह के दरबार की कैमरा फोटो और चैंबर ऑफ प्रिंसेस की 14 फरवरी, 1921 की कैमरा फोटो दर्शनीय हैं।

बागोर की हवेली संग्रहालय (उदयपुर)

  • यह संग्रहालय उदयपुर की पिछोला झील के किनारे गणगौर घाट पर बागोर की हवेली में वर्ष 1997 में स्थापित किया गया।
  • इसमें राजस्थान में पहने जाने वाले साफे और भांति-भांति की करीब 500 पगड़ियां रखी गई हैं।
  • इसी परिसर में पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र का कार्यालय संचालित है।

जनजाति संग्रहालय, उदयपुर

  • इसकी स्थापना 30 दिसंबर, 1983 को उदयपुर में माणिक्यलाल वर्मा जनजाति शोध संस्थान के द्वारा की गई थी।
  • जनजाति संग्रहालय के प्रवेश द्वार पर मेवाड़ का राज चिह्न "जो दृढ़ राखे धर्म को ताहि राखे करतार" रखा गया है।

भादरिया लाइब्रेरी पोकरण, जैसलमेर

  • यह राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण में भादरिया राय माता मंदिर स्थान पर स्थित है।
  • यह एशिया का सबसे बड़ा गैर सरकारी पुस्तकालय है।
  • इस पुस्तकालय की स्थापना वर्ष 1983 में संत हरवंश सिंह निर्मल के द्वारा की गई थी जो कि पंजाब के फिरोजपुर के निवासी हैं।
  • यह पुस्तकालय 15000 वर्ग फीट में फैला हुआ है जिसमें करीब 9 लाख पुस्तकें और 4 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है।

राजकीय संग्रहालय, अजमेर

  • इसकी स्थापना भारत सरकार द्वारा मैगजीन के किले (अकबर का किला) में 19 अक्टूबर, 1908 को राजपूताना म्यूजियम के नाम से की गई थी।

कुतुबखाना, अलवर

  • महाराजा विनय सिंह के शासन काल में संवत् 1984 में अलग से कुतुबखाना (पुस्तक शाला) स्थापित किया गया था।
  • कुतुबखाना, सिलहखाना और तोशाखाना की पुरा सामग्री के विशेष नमून 1881 में लाहौर प्रदर्शनी में, 1883 में कलकत्ता, 1886 में लंदन, 1903 में दिल्ली में, 1910 में इलाहाबाद में प्रदर्शित किया गया।

सिटी पैलसे म्यूजियम, जयपुर

  • स्थापना: महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय द्वारा वर्ष 1959 में जयपुर के सिटी पैलेस में।
  • इसे सवाई मानसिंह संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है।
  • इस संग्रहालय के दीवान-ए-खास में दुनिया के विशालतम चांदी के दो देग (जार) रखे हुए हैं जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।

भवानी नाट्यशाला, झालावाड़

  • राज्य के रंगकर्म की इस अनुपम धरोहर का निर्माण 1921 ई. में तत्कालीन झालावाड़ रियासत के नरेश भवानी सिंह ने ओपेरा शैली में करवाया।

सरदार म्यूजियम जोधपुर

  • इसकी स्थापना वर्ष 1909 में जोधपुर में की गई।

राजकीय संग्रहालय, बीकानेर

  • बीकानेर के महाराजा गंगासिंह के समय तत्कालीन वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो द्वारा 5 नवम्बर, 1937 में गंगा गोल्डन जुबली म्यूजियम के नाम से किया गया था। यह संग्रहालय इटालियन भाषाविज्ञानी डॉ. एल.पी. टेस्सिटोरी के द्वारा निर्मित है।
  • इसमें पल्लू से प्राप्त जैन सरस्वती की आकर्षक प्रतिमा स्थापित है।
  • राजकीय संग्रहालय बीकानेर में कुल तीन संग्रहालय शामिल हैं—
  1.  करणी म्यूजियम— जूनागढ़ किले में गंगा निवास में स्थित है।
  2.  सार्दुल म्यूजियम या सादुल सिंह संग्रहालय, 1972 ई.— लालगढ़ महल में स्थित है।
  3.  राजकीय संग्रहालय, बीकानेर

राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी

  • यह एक स्वायत्तशासी संस्था है जिसकी स्थापना जयपुर में वर्ष 1969 में की गई थी।
  • यह हिंदी भाषा में विभिन्न विषयों पर मानक एवं मौलिक पुस्तकों का प्रकाशन करती है।
  • हिन्दी बुनियाद इसकी द्विमासिक पत्रिका है।

राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर

  • स्थापना वर्ष 1980 में

राजस्थानी शोध संस्थान, जोधपुर

  • जोधपुर जिले के चौपासनी में स्थित है।

राजस्थानी साहित्य अकादमी

  • वर्ष 1950 ई. में उदयपुर में स्थापना की।
  • राजस्थानी साहित्य की उन्नति एवं प्रचार—प्रसार हेतु राजस्थानी साहित्य अकादमी के द्वारा 'मधुमति' नाम से मासिक पत्रिका प्रकाशित की जाती है।

सिटी पैलेस म्यूजियम, उदयपुर

  • इस संग्रहालय का निर्माण महाराणा अमरसिंह प्रथम के द्वारा करवाया गया था।
उदयपुर में राजकीय संग्रहालय है जिसे राजकीय प्रताप संग्रहालय भी कहा जाता है।

बिड़ला तकनीकी म्यूजियम, पिलानी झुंझुनूं

  • स्थापना वर्ष 1954 में
  • यह पिलानी के बिड़ला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस संस्थान के परिसर में स्थित है।
  • यह भारत का प्रथम उद्योग व तकनीकी म्यूजियम है।
  • इस म्यूजियम में स्थिति कोयले की खानों का प्रदर्शन पूरे एशिया में प्रसिद्ध है।

पुस्तक प्रकाश पुस्तकालय, जोधपुर

  • स्थापना: महाराजा मानसिंह ने की

पोथीखाना, जयुपर

  • स्थापना वर्ष 1952 में महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय ने की।

रूपायन संस्थान, बौरुंदा

  • कला मर्मज्ञ पद्म भूषण कोमल कोठारी द्वारा स्थापित।
  • जोधपुर के बौरुंदा में स्थित है।

श्री सरस्वती पुस्तकालय, फतेहपुर, सीकर

  • स्थापना: 14 मई, 1910 को वासुदेव गोयनका तथा बजरंग लाल लोहिया ने की।

राजस्थान उर्दू अकादमी, जयपुर

  • स्थापना: 1979 ई.

राजस्थान सिंधी अकादमी, जयपुर

  • स्थापना: 1979 ई. में
  • इसके द्वारा 'रिहाण' नामक वार्षिक पत्रिका प्रकाशित की जाती है।

राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर

  • वर्ष 1983 में स्थापना।
  • इसके द्वारा 'जागती जोत' मासिक पत्रिका प्रकाशित की जाती है।

राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी, जयपुर

  • स्थापना: 19 जनवरी, 1986 में
  • पत्रिका: ब्रज शतदल

राजस्थान पंजाबी भाषा अकादमी, श्रीगंगानगर

  • स्थापना 2006 में

पंडित झाबरमल शोध संस्थान, जयपुर

  • प्रसिद्ध इतिहासकार एवं पत्रकार पद्मभूषण पंडित झाबरमल शर्मा की स्मृति में

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