विश्व निमोनिया दिवस

विश्व निमोनिया दिवस


विश्व निमोनिया दिवस

  • निमोनिया की गंभीरता के प्रति लोगों को जागरूक करने और रोग का मुकाबला करने के समाधान के लिए वर्ष 2009 में 12 नवम्बर को पहली बार ग्लोबल कोएलिशन अगेंस्ट चाइल्ड निमोनिया (जीसीसीपी) द्वारा विश्व निमोनिया दिवस मनाया गया। 
  • विश्व में पांच वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों की मृत्यु का कारण निमोनिया है। 
  • वर्ष 2019 में निमोनिया से मरने वाले वयस्कों और बच्चों की संख्या 2.5 मिलियन थी। इसमें से बच्चों की संख्या 672000 थी।

12 नवम्बर को यह दिवस मनाया जाता है, इसका प्रमुख उद्देश्य निम्न है:

  • लोगों में निमोनिया के बारे में जागरूकता फैलाना है। 
  • निमोनिया की रोकथाम व उसके उपचार को बढ़ावा देना है।
  • निमोनिया का मुकाबला करने के लिए एक्शन प्लान बनाना।
  • वर्ष 2020 की थीम ‘Every Breath Counts’ था।


निमोनिया बीमारी क्या है

  • निमोनिया तीव्र श्वसन संक्रमण है जो फेफड़ों को प्रभावित करता है। आमतौर पर कूपिका (अल्वियोली— फेफड़ों में छोटी थैली) में श्वास के दौरान हवा भर जाती है। निमोनिया होने पर अल्वियोली में मवाद और द्रव भर जाता है जो सांस लेने में कठिनाई उत्पन्न करता है तथा ऑक्सीजन लेने में कमी करता है। 
  • यह वायरस, बैक्टीरिया और कवक सहित कई संक्रामक एजेंटों के कारण होता है ।

लक्षण

निमोनिया के निम्न लक्षण हैं:

  • बुखार, जुकाम, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, तेज सांस चलना या निचले सीने में खिंचाव और पसली चलना आदि 
  • गंभीर रूप से बीमार शिशु खाने या पीने में असमर्थ हो सकता है तथा उसे बेहोशी, हाइपोथर्मिया और अकड़न महसूस हो सकती है। 

  

निमोनिया निम्नलिखित माध्यम से संचारित हो सकता है-

  • आमतौर पर बच्चे के नाक या गले में पाए जाने वाला वायरस और बैक्टीरिया फेफड़ों को संक्रमित कर सकता है, जब वे सांस लेते हैं।
  • खांसी व छींक से कीटाणु हवा में उत्सर्जित बूंदों के माध्य से भी फैल सकता है। 
  • निमोनिया रक्त के माध्यम से फैल सकता है, विशेषकर जन्म के समय और उसके तुरंत बाद।


वैश्विक रोकथाम और नियंत्रण की कार्य योजना

  • डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ द्वारा निमोनिया और डायरिया की रोकथाम और नियंत्रण के लिए समे​कित ग्लोबल एक्शन प्लान का उद्देश्य बच्चों में निमोनिया से बचाव, रोकथाम और उपचार के लिए हस्तक्षेप के संयोजन के साथ निमोनिया नियंत्रण को गति प्रदान करना है। 
  • इसका उद्देश्य 1 हजार जीवित जन्में बच्चों में निमोनिया से होने वाली मौतों को 3 से कम तथा वर्ष 2025 तक 1 हजार बच्चों में से डायरिया से होने वाली मृत्यु को 1 से कम करना है। 
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, अन्य मंत्रालयों से सामुदायिक स्तर पर आशा/एएनएम/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भागीदारी से निमोनिया के बचाव, रोकथाम और उपचार के लिए काम कर रही है। 

 

प्रतिवर्ष विश्व निमोनिया दिवस कब मनाया जाता है?

अ. 10 नवम्बर

ब. 11 नवम्बर

स. 12 नवम्बर

द. 14 नवम्बर

उत्तर- स

Post a Comment

Previous Post Next Post