कितनी रियासतों के एकीकरण से राजस्थान राज्य बना?

कितनी रियासतों के एकीकरण से राजस्थान राज्य बना?


राजस्थान दिवस प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है –

1. 1 नवंबर 

2. 30 मार्च 

3. 26 जनवरी 

4. 3 मार्च

उत्तर–  2  

व्याख्या – संयुक्त राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर एवं जैसलमेर का विलय कर भारत के उप प्रधानमंत्री श्री सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा जयपुर में वृहत राजस्थान का विधिवत उदघाटन किया गया। जयपुर महाराजा सवाई मानसिंह को राजप्रमुख, महाराणा भूपालसिंह को महाराजप्रमुख, कोटा के महाराव भीमसिंह को उपराजप्रमुख व हीरालाल शास्त्री को प्रधानमंत्री बनाया गया। पी. सत्यनारायण राव कमेटी की सिफ़ारिशों पर जयपुर को राजस्थान की राजधानी घोषित किया गया। हाई कोर्ट जोधपुर में, शिक्षा विभाग बीकानेर में, खनिज और कस्टम व एक्साइज विभाग उदयपुर में, वन और सहकारी विभाग कोटा में तथा कृषि विभाग भरतपुर में रखने का निर्णय किया गया। 30 मार्च राजस्थान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।


किस प्रदेश के विशाल राजस्थान में सम्मिलित होने से संयुक्त विशाल राजस्थान नामकरण हुआ?

1. उदयपुर 

2. मत्स्य 

3. जयपुर 

4. जोधपुर 

उत्तर– 1 

व्याख्या – राजस्थान संघ में 18 अप्रैल, 1948 को उदयपुर रियासत का विलय कर संयुक्त राजस्थान का विलय हुआ। पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा इसका उदघाटन किया गया। महाराणा मेवाड़ – भूपालसिंह राजप्रमुख व माणिक्यलाल वर्मा प्रधानमंत्री बने। कोटा महाराव भीमसिंह को उपराजप्रमुख बनाया गया तथा उदयपुर को राजधानी बनाया गया। संयुक्त राजस्थान का क्षेत्रफल 29777 वर्ग मील, जनसंख्या 42,60,918 और वार्षिक आय 3.16 करोड़ रुपये थी।


कितने रजवाड़ों एवं राज्यों के एकीकरण से राजस्थान राज्य बना?

1. 18 

2. 16 

3. 20 

4. 19 

उत्तर–  4 

व्याख्या – स्वतंत्रता प्राप्ति के समय राजस्थान 19 देशी रियासतों, 3 चीफ़शिफ (ठिकाने) कुशलगढ़, लावा व नीमराणा तथा चीफ कमिश्नर द्वारा प्रशासित अजमेर-मेरवाड़ा प्रदेश में विभक्त था। यह अपने वर्तमान स्वरूप में 1 नवंबर 1956 को आया।

Read More: राजस्थान के एकीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

हरिजन सेवा संघ की स्थापना

डूंगरपुर प्रजामंडल की स्थापना 1944 में की गई थी –

1. रामनारायण चौधरी 

2. प्रतापसिंह बारहठ 

3. भोगीलाल पाण्ड्या 

4. माणिक्य लाल वर्मा 

उत्तर– 3  

व्याख्या – डूंगरपुर में जनजागृति करने का श्रेय गुरु गोविंद गिरि के तत्पश्चात भोगीलाल पण्ड्या को है। 1919 ई. में भोगीलाल पण्ड्या ने आदिवासी छात्रावास की स्थापना कर जनचेतना फैलाने का प्रयास किया।

1929 में गौरीशंकर उपाध्याय ने सेवाश्रम स्थापित कर खादी प्रचार किया तथा वैचारिक क्रान्ति फैलाने के लिए हस्तलिखित सेवक समाचार पत्र प्रकाशित किया।

1935 ई . में ठक्कर बापा की प्रेरणा से भोगीलाल पंडया ने हरिजन सेवा संघ की स्थापना की। 1935 ई. में ही शोभालाल गुप्ता के नाम से आश्रम खोला।


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किस अधिवेशन में देशी रियासतों के स्वतंत्रता आंदोलन को अपने अंग के रूप में अपनाया –

1. अमृतसर 

2. नागपुर 

3. हरिपुरा 

4. लखनऊ 

उत्तर– 3 


किस राजपूत राज्य के प्रजामंडल की स्थापना कलकत्ता में की गई थी –

1. करौली प्रजामंडल 

2. बीकानेर प्रजामंडल 

3. धौलपुर प्रजामंडल 

4. झालावाड़ प्रजामंडल 

उत्तर– 2 


राजस्थान में राजनीतिक चेतना को सर्वप्रथम जन्म देने वाला था –

1. विजय सिंह पथिक 

2. अर्जुनलाल सेठी 

3. सेठ दामोदरदास राठी 

4. सहसमल बोहरा 

उत्तर– 2 


वीर भारत समाज किसने स्थापित किया?

1. जोरावर सिंह बारहठ 

2. गोकुलदास असावा 

3. मास्टर आदित्येंद्र 

4. विजयसिंह पथिक 

उत्तर– 4 

इसकी स्थापना वर्ष 1910 में की गई।


प्रजामंडल आंदोलन के दौरान जोधपुर जेल में अव्यवस्था व अन्याय के विरूद्ध भूख हड़ताल करने के कारण स्वास्थ्य खराब हो जाने से 19 जून, 1942 को किस स्वतंत्रता सेनानी की मृत्यु हुई –

1. भंवरलाल सर्राफ 

2. मथुरादास माथुर 

3. बालमुकुंद 

4. आनंदमल सुराणा 

उत्तर– 3 


निम्नलिखित में से कौन एक भरतपुर राज्य के स्वतंत्र आंदोलन के नेता थे –

1. शोभा राम 

2. मंगलसिंह शर्मा 

3. किशनलाल जोशी 

4. टीकाराम पालीवाल 

उत्तर– 3 


स्वतंत्रता सेनानी श्री प्रताप सिंह बारहठ की जन्म स्थली है –

1. मांडलगढ़ 

2. शाहपुरा 

3. खरवा 

4. नसीराबाद

उत्तर– 2 


बागड़ के गांधी के नाम से विख्यात स्वतंत्रता सेनानी थे –

1. हरिदेव जोशी 

2. मोतीलाल तेजावत

3. माणिक्यलाल वर्मा 

4 भोगीलाल पंडया 

उत्तर– 4 

बागड़ का गांधी भोगीलाल पंड्या को कहा जाता है और उनक कार्य स्थली डूंगरपुर थी। आदिवासी क्षेत्र में राजनीतिक चेतना जाग्रत करने के लिए उन्होंने 'बागड़ सेवा मंदिर' नामक संस्था की स्थापना की।

इस पर प्रतिबंध लगा देने के बाद उन्होंने 'सेवा संघ संस्था' का गठन किया।


निम्नांकित में से कौन स्वतंत्रता सेनानी राजस्थान के थे –

1. तात्या टोपे 

2. राणा प्रताप 

3. मंगल पांडे 

4. केशरीसिंह बारहठ 

उत्तर– 4 


राज्य की निष्ठुरता तथा जेल में अन्याय के खिलाफ भूख हड़ताल के कारण मारवाड़ लोक परिषद के किस नेता की मृत्यु (19 जून,1942 ) को हो गई ?

1. बालमुकुंद बिस्सा 

2. भँवरलाल शर्मा 

3. आनंद राज सुराणा 

4. रणछोड़ दास गट्टानी 

उत्तर– 1 


स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शहीद सागरमल गोपा कहाँ के निवासी थे?

1. बीकानेर 

2. जैसलमेर 

3. जोधपुर 

4. अजमेर 

उत्तर– 2 

व्याख्या: सागरमल ने जैसलमेर राज्य में राजनी​तिक चेतना जाग्रत करने के साथ शिक्षा का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने 'आजादी के दीवाने' एवं 'जैसलमेर में गुण्डाराज' नामक पुस्तक लिखी। जिसमें जैसलमेर के राजशाही की कटु आलोचना की। उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया और 24 मई, 1941 को कैद कर लिया गया। जेल में उन पर अमानवीय अत्याचार किए गए।



   


     


Post a Comment

0 Comments