ब्लू चिप कंपनी क्या है

 

ब्लू चिप कंपनी क्या है

प्रश्नः कायाकल्प परियोजना क्या है?


उत्तर: देश को पेट्रोलियम तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अतिरिक्त तेल मुहैया कराने हेतु नये तेल कुए की खुदाई की एक योजना बनायी गयी है। इसे कायाकल्प परियोजना का नाम दिया गया है। इसके अंतर्गत 36,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त तेल उपलब्ध कराने के लिए मुम्बई हाई में पहले तेल कुए की खुदाई की जा रही है।


प्रश्नः परिवर्तनीय दर (Floating Rate) से आप क्या समझते हैं?


उत्तर: यह एक प्रकार की ब्याज दर है, जो निर्धारित दर के विपरीत ऋण की अवधि के अनुसार बदलती रहती है, इस तरह ऋण लेने वाला अपनी परिवर्तनीय दर के साथ मात्र एक वर्ष में 3 प्रतिशत ब्याज भुगतान कर ऋण से मुक्त हो सकता । भारत में परिवर्तनीय दर की ऋण सिर्फ वाहन, हाउसिंग एवं वित्त बाजार में ही उपलब्ध हैं।


प्रश्न: गुड-बैड डेलीवरी से आप क्या समझते हैं?


उत्तरः गुड डेलीवरी वह शेयर प्रमाण पत्र है, जो विक्रेता से क्रेता को स्वामित्व अंतरण की सभी अपेक्षाएं पूरी करता है। जबकि बैड डेलीवरी वह शेयर प्रमाण पत्र है, जो विक्रेता से क्रेता को स्वामित्व अंतरण की अपेक्षाएं पूरी नहीं करता।


प्रश्नः ब्लू चिप कंपनी क्या है?


उत्तर: ब्लू चिप उन कंपनियों को कहा जाता है, जो निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है, जिनका प्रबंध अत्यंत कुशल है एवं उनके शेयरों में हानि की संभावना काफी कम होती है।


 प्रश्न: राशिपातन (Dumping) से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: जब कोई राष्ट्र किसी विशेष वस्तु के अति उत्पादन की स्थति में विदेशी बाजार में उसे बहुत कम मूल्य पर बेचता है अथवा नष्ट कर देता है, तो यह प्रक्रिया 'राशिपातन' कहलाती है। इसका उद्देश्य वस्तु मूल्य को एक न्यूनतम स्तर से नीचे गिरने से रोकना होता है।


प्रश्न: 'मुद्रा संकुचन' (Deflation) से आप क्या समझते हैं? 

उत्तर: जब बाजार में मुद्रा की कमी के कारण वस्तु की कीमतें गिर जाती है, उत्पादन कम हो जाता है और बेरोजगारी में वृद्धि होती है, तो यह अवस्था 'मुद्रा संकुचन' कहलाती है।


प्रश्न: 'सेन्सेक्स' (Sensex) क्या है?

उत्तर: मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक को 'सेन्सेक्स' कहा जाता है। यह शेयर मूल्यों के मूल्यांकन का सबसे लोकप्रिय सूचकांक है। यह बाजार की छोटी से छोटी हलचल को नाप सकता है, इसीलिए इसे संवेदी सूचकांक कहा जाता है।


प्रश्न: जीरो नेट एड (Zero Net Aid) से क्या तात्पर्य है? 

उत्तर: किसी देश की अर्थव्यवस्था जब आत्मनिर्भर हो जाती है और उसे विदेशी सहायता की आवश्यकता नहीं होती है, तो वह विदेशी सहायता जीरो नेट एड कहलाती है, क्योंकि उससे हानि या लाभ नहीं होता है। 


प्रश्न: आरक्षित मुद्रा से आप क्या समझते हैं?

उत्तरः वह मुद्रा, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो और दूसरे देश उसे ऋण समझौतों और खातों में एक इकाई के रूप में दिखाने को तैयार हों, आरक्षित मुद्रा (Reseitle Currency) कहलाती है। यह वह मुद्रा है, जिसे दूसरा देश अपने पूंजी भंडार के तहत संचित रखता है। अमेरिकी डॉलर, यूरो, स्टर्लिंग आदि इसी प्रकार की सुदाए हैं।


प्रश्नः 'कृषि निर्यात क्षेत्र' की स्थापना कब हुई और इसके मुख्य उद्देश्य क्या हैं?

उत्तर: कृषि निर्यात जोन की स्थापना का विचार सर्वप्रथम 2001 के आयात-निर्यात नीति के तहत आया। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य हमारे कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है। इसके लिए यह नये-नये ऐसे बाजारों की तलाश करता है जहां भारतीय कृषि उत्पाद का निर्यात हो सके। सन् 2002-07 के आयात-निर्यात नीति के तहत 20 और नये कृषि निर्यात जोन की स्थापना का लक्ष्य है।


प्रश्नः रुपये के अवमूल्यन से क्या तात्पर्य है?

उत्तर: यदि किसी मुद्रा का विनिमय मूल्य अन्य मुद्राओं की तुलना में जान-बूझकर कम कर दिया जाता है, तो इसे उस मुद्रा का अवमूल्यन कहते हैं। यह अवमूल्यन परिस्थितियों के अनुसार सरकार स्वयं करती है।


प्रश्न: 'म्युचुअल फंड' क्या है? 

उत्तर: म्यूचुअल फंड के अंतर्गत जन-साधारण के निवेश योग्य धन को ऐच्छिक आधार पर एकत्रित करके विनियोग के अच्छे अवसरों में प्रयोग किया जाता है। इसकी स्थापना प्राय: निवेश संबंधी निर्णय लेने वाले दक्ष वित्तीय संस्थापकों द्वारा की जाती है।


प्रश्नः अनन्य आर्थिक क्षेत्र किसे कहते हैं?


उत्तर: किसी देश के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ: Exclusive: Economic Zone) से तात्पर्य उसकी समुद्री सीमा से समुद्री तट का वह क्षेत्रफल है जिसके सभी संसाधनों पर उस देश का एकाधिकार होता है, तथा क्षेत्र के भीतर वह देश उन संसाधनों को दोहन करने के लिए स्वतंत्र होता है।


प्रश्न: काउंटर ट्रेड की नीति क्या है? 

उत्तर: काउंटर ट्रेड से तात्पर्य ऐसे व्यापार से है जिसके अंतर्गत किसी विक्रेता से कोई वस्तु तभी खरीदी जाती है जब वह क्रेता से भी कोई वस्तु खरीदने को तत्पर हो। इस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में काउंटर ट्रेड ऐसी नीति है जिसके तहत हम उसी कंपनी/राष्ट्र से आयात करें जो बदले में हमसे आयात करे।


प्रश्न: राजकोषीय कर्षण (Fiscal Drag) से आप क्या समझते हैं? उत्तरः राजकोषीय कर्षण से आशय उस बढ़े हुए कर भार से है, जो कर की दरों में बिना किसी परिवर्तन किए हुए मुद्रा स्फीति के फलस्वरूप उत्पन्न हो जाता है, इस स्थिति में बढ़ी हुई मजदूरी तथा वेतन के कारण व्यक्ति ऊंचे कर स्लैब में पहुंच जाते हैं।


प्रश्न: एक्जिट नीति का क्या उद्देश्य है ?


उत्तर: भारत में एक्जिट नीति का उद्देश्य है रुग्ण एवं अकुशल उद्योगों को बंद करने के साथ-साथ औद्योगिक उपक्रमों के फालतू कर्मचारियों को कार्यमुक्त करना, ताकि अर्थव्यवस्था पर अनावश्यक भार को कम किया जा सके।


प्रश्न: डीम्ड निर्यात क्या होता है?


उत्तर: डीम्ड निर्यात के अंतर्गत वस्तुएं देश छोड़कर बाहर नहीं जाती हैं, बल्कि आपूर्तिकर्त्ता द्वारा वस्तुओं के लिए भुगतान देश के अन्दर ही प्राप्त होता है।


प्रश्न: डीएफआरसी क्या है?


उत्तर: डीएफआरसी, शुल्क मुक्त संपूर्ति प्रमाण-पत्र को सूचित करता है। इस स्कीम को 1 अप्रैल, 2000 से लागू किया गया है। यह स्कीम खुदरा व्यापारी तथा विनिर्माता दोनों को उपलब्ध है। हालांकि इसके अंतर्गत केवल वही वस्तुएं शामिल हैं, जो मानक इनपुट-आउटपुट के अंतर्गत आती हैं।

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