समाजशास्त्र की प्रकृति

समाजशास्त्र की प्रकृति


Nature of sociology

समाजशास्त्र एक विज्ञान हैं क्योंकि 

1. समाजशास्त्र वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग करता है।

2. यह वास्तविक घटनाओं का विवेचन करता है।

3. समाजशास्त्र के नियम सर्वव्यापी होते हैं।

4. समाजशास्त्र कार्य कारण के सम्बन्धों का विश्लेषण करता है। 

5. समाजशास्त्र नियमों की परीक्षा और पुनः परीक्षा करता है।

6. वर्तमान के आधार पर भविष्यवाणी करता है।


समाजशास्त्र की वास्तविक प्रकृति


  • रॉबर्ट बीरस्टेड ने समाजशास्त्र की वैज्ञानिक प्रकृति की सीमाओं का उल्लेख अपनी पुस्तक ‘दी सोशल आर्डर’ में किया है। ये सीमाएं समाजशास्त्र की वास्तविक प्रकृति को स्पष्ट करती है। 

अ. समाजशास्त्र एक सामाजिक विज्ञान है, प्रकृति विज्ञान नहीं

  • यह सामाजिक तथ्यों और सामाजिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है, प्राकृतिक घटनाओं का नहीं।

ब. समाजशास्त्र एक विशुद्ध विज्ञान है

  • समाजशास्त्र का उद्देश्य मानव समाज से सम्बन्धित वास्तविक ज्ञान का संग्रह करना है। समाजशास्त्र सामाजिक सिद्धांतों का निर्माण करता है, उनको सामाजिक जीवन पर लागू नहीं करता।

स. समाजशास्त्र सामान्य विज्ञान है

द. समाजशास्त्र एक अमूर्त विज्ञान है

  • समाजशास्त्र सामाजिक सम्बन्धों का अध्ययन करता है जो स्वयं अमूर्त है। 

य. समाजशास्त्र तार्किक व अनुभव सिद्ध विज्ञान है

  • समाजशास्त्र वैज्ञानिक पद्धति पर निर्भर होने के कारण तार्किक है।

र. समाजशास्त्र एक वास्तविक विज्ञान है

  • समाजशास्त्र आदर्शात्मक विज्ञान नहीं है। समाजशास्त्र केवल वास्तविक परिस्थितियों का अध्ययन करता है अर्थात् ‘क्या है’ का अध्ययन करता है न कि ‘क्या होना चाहिए’ का।


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