ट्रेजरी बिल्स क्या है



तरलता की दृष्टि से प्रतिभूतियों एवं ऋणों का अनुक्रम क्रमशः नकद, एडहॉक ट्रेजरी बिल, ट्रेजरी बिल्स तदोपरांत काल ऋण हैं।

कॉल मनी मार्केट, जोकि अत्यल्प अवधि वाले फंड का बाजार होता है, में ऋण देने एवं लेने की अवधि 1 दिन से 14 दिन तक होती है और ब्याज दर फंड की मांग एवं पूर्ति पर निर्भर करती है।

ट्रेजरी बिल्स रिजर्व बैंक द्वारा सरकार के लिए निर्गमित की जाने वाली अत्यल्प अवधि की प्रतिभूतियां होती हैं, जिसके माध्यम से सरकार ऋण लेती है।

यह दो प्रकार की है- 

प्रथम- नीलामी ट्रेजरी बिल्स, जो आरबीआई द्वारा 91 एवं 364 दिन के लिए निर्धारित की जाती है और दूसरी तदर्थ (एडहॉक) ट्रेजरी बिल्स यह अत्यंत अस्थाई प्रतिभूति है, जो आरबीआई के नाम से ही निर्गमित होती थी। 1997-98 से इसे बंद कर दिया गया और इसके स्थान पर और अर्थोपाय अग्रिम की नई योजना लागू की गई है।

ध्यातव्य है कि सरकार के लिए आरबीआई द्वारा 14 एवं 180 दिनी ट्रेजरी बिल्स भी जारी की जाती है।

पॉइंट ऑफ सेल से तात्पर्य ऐसी दुकान, वाणिज्यिक संस्थानों एवं पेट्रोल पंप आदि से है जहां खरीदारी करके बैंक के डेबिट कार्ड को स्वाइप करके भुगतान करने की सुविधा है। 

पॉइंट ऑफ सेल से नकद धन निकासी की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रश्न के प्रस्ताव को भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्ष 2010 में मंजूरी प्रदान कर दी थी।


निम्न में से कौनसा मानव विकास सूचकांक (HDI) में शामिल नहीं है?

अ. जीवन प्रत्याशा (लाइफ एक्सपेक्टेन्सी) 

ब. वास्तविक प्रति व्यक्ति आय

स. सामाजिक असमानता

द. प्रौढ़ साक्षरता

उत्तर- स

हरित सूचकांक (ग्रीन इंडेक्स) किसके द्वारा विकसित किया गया था?

अ. विश्व बैंक का पर्यावरणीय एवं सामाजिक सुस्थिर विकास प्रभाग (वर्ल्ड बैंक एनवायरनमेंटली एंड सोशली सस्टेनेबल डेवलपमेंट डिवीजन)

ब. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट प्रोग्राम)

स. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम  (यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम)

द. क्योटो प्रोटोकॉल

उत्तर- अ


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