डायनामो यांत्रिक ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है


  • डायनामो यांत्रिक ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
  • मोटर वैद्युत ऊर्जा को वैद्युत को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
  • एक आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध अनंत होता है।
  • वैद्युत सेल के द्वारा रासायनिक ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।
  • किसी चालक में बहने वाली धारा, इसके चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
  • एक गतिमान आवेश चुम्बकीय व विद्युत दोनों प्रकार के क्षेत्र उत्पन्न करता है।
  • विद्युत चुम्बक नर्म लोहे के बनाए जाते हैं।
  • ट्रांसफार्मर की क्रोड ‘पटलित’ बनाई जाती है क्योंकि इससे भंवर धाराएं उत्पन्न नहीं होती है।
  • यदि पृथ्वी अपनी अक्ष पर अपनी चाल से 17 गुना अधिक चाल से परिक्रमण करने लगे तो भूमध्यरेखा पर स्थित वस्तुओं का भार शून्य होगा।
  • डायनामाइट का आविष्कार अल्फ्रेड नोबेल ने किया।
  • वे पदार्थ जो पिघलने पर सिकुड़ते हैं पर दाब बढ़ाने पर उनका गलनांक कम हो जाता हे।
  • प्रकाशीय सेल प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
  • रेल की पटरियां बिछाते समय उनके बीच कुछ जगह छोड़ दी जाती है क्योंकि पटरियां गर्मियों में ऊष्मा पाकर प्रसारित होती है।
  • ठण्डे देशों में झीलों का जल जम जाने के बाद भी झील के नीचे के जल का ताप 4 डिग्री सेल्सियस रहता है, जिसमें जलीय जन्तु जिन्दा रहते हैं।
  • जल के जमने से इसका आयतन बढ़ता है। यही कारण है कि जाड़ों में कभी-कभी नल के पाइप फट जाते हैं।
  • प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण आकाश नीला दिखाई देता है।
  • लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम व बैंगनी रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है।
  • अंतरिक्ष यात्रियों को आकाश काला दिखाई देता है।
  • तारे प्रकाश के अपवर्तन के कारण टिमटिमाते प्रतीत होते हैं।
  • हीरा पूर्ण आन्तरिक परिवर्तन के कारण चमकता है।
  • श्वेत प्रकाश के सात रंगों मं विभक्त होने को वर्ण विक्षेपण कहते हैं।
  • उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक व अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।
  • लेंस की क्षमता का मात्रक डायोप्टर होता है।
  • प्रकाश के एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर, अपने मार्ग से विचलित होने की घटना को अपवर्तन कहते हैं।
  • अपवर्तन में प्रकाश की आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है।
  • वायु का बुलबुला जल में अवतल लेंस की भांति व्यवहार करता है।
  • लेंस को द्रव में डुबाने पर उसकी फोकस दूरी व क्षमता बदल जाती है।
  • केन्डिला ज्योति तीव्रता अपरिवर्तित रहती है।
  • तरंगों के किसी अवरोध के किनारों पर मुड़ने पर घटना को विवर्तन कहते हैं
  • 1 डिग्री सेल्सियस बढ़ाने पर वायु में ध्वनि की चाल 0.61 मीटर प्रति सेकेण्ड बढ़ जाती है।
  • दाब परिवर्तन का ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
  • ध्वनि तरंगें निर्वात में नहीं चल सकती।
  • जब किसी पिण्ड की वायु में चाल, ध्वनि की चाल से अधिक होती है तो इसे पराध्वनिक चला कहते हैं।
  • सीस्मोग्राफ द्वारा भूकंप तरंगों को चित्रित किया जाता है।
  • साबुन के बुलबुले व्यतिकरण के कारण रंगीन दिखाई देते हैं।
  • अप्रगामी तरंगों द्वारा ऊर्जा का संचरण नहीं होता।
  • प्रकाश तरंगों का ध्रुवण प्रकाश के अनुप्रस्थ प्रकृति की पुष्टि करता है।
  • स्रोत की आवृत्ति में होने वाले परिवर्तन को डाप्लर प्रभाव कहते हैं।
  • सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम न्यूटन ने दिया था।
  • गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी के केन्द्र पर शून्य होता है।
  • एफ. हॉइल के अनुसार पृथ्वी की उत्पत्ति गैसों और धूल कणों से हुई है।
  • यदि किसी उपग्रह से कोई पिण्ड छोड़ दिया जाए तो पिण्ड उपग्रह के साथ ही पृथ्वी का चक्कर लगाता रहेगा।
  • पृथ्वी से पलायन वेग का मान 11.2 किमी प्रति सेकेण्ड होता है।
  • चन्द्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी पर इसके मान का 1/6 होता है।
  • भूस्थिर उपग्रह का परिक्रमण काल 24 घण्टे होता है तथा इसकी पृथ्वी से ऊंचाई 36,000 किमी होती है।
  • अत्यन्त निम्न ताप पर भौतिकी के अध्ययन को निम्न तापिकी (Cryogenics) कहते हैं।
  • निम्नतापी इंजनों का अनुप्रयोग राकेट प्रौद्योगिकी में किया जाता है।
  • साइक्लोट्रान से आवेशित कणों की त्वरित किया जाता है।
  • विद्युत बल्ब का फिलामेण्ट टंगस्टन धातु का बना होता है।
  • सूर्य की ऊर्जा का स्रोत नाभिकीय संलयन है।
  • सूर्य के द्रव्य का 90 प्रतिशत भाग हीलियम एवं हाइड्रोजन का है।
  • नाभिकीय रिएक्टर में भारी जल का प्रयोग मंदक के रूप में किया जाता है।
  • नाभिकीय रिएक्टर में श्रृंखला अभिक्रिया नियंत्रित होती है जबकि परमाणु बम में ऐसा नहीं होता है।
  • नाभिकीय रिएक्टर में कैडमियम छड़ों का प्रयोग नियंत्रक के रूप में किया जाता है।
  • द्रव्यमान व ऊर्जा में संबंध E=MC2 है, जहां E ऊर्जा, M द्रव्यमान व C प्रकाश का वेग है। इसे आइन्सटीन ने प्रतिपादित किया था।
  • निर्वात में प्रकाश की चाल 3 लाख प्रति सेकेण्ड होती है।
  • जब किसी धातु के टुकड़े को उच्च ताप तक गर्म करते हैं तो इससे इलेक्ट्रान उत्सर्जित होने लगते हैं। इस घटना का तापीय उत्सर्जन कहते हैं।
  • डायोड वाल्व का आविष्कार फ्लेमिंग ने किया था।
  • घरों में प्रयुक्त प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति 50 साइकल प्रति सेकेण्ड होती है।
  • प्रतिरोध का मात्रक ओम होता है।
  • किसी शुद्ध धातु का प्रतिरोध ताप बढ़ाने पर बढ़ता है।
  • अर्ध चालकों का प्रतिरोध ताप बढ़ाने पर घट जाता है।
  • पारे का प्रतिरोध 4 डिग्री केल्विन पर शून्य हो जाता है।
  • फ्यूज तार का गलनांक कम होता है।
  • घरेलू विद्युत लाइन समान्तर श्रेणी में लगाई जाती है।
  • 1,000 वॉट का बल्व 1 घण्टा जलाने पर 1 यूनिट विद्युत ऊर्जा व्यय करता है।
  • 20 वॉट व 500 वॉट के बल्बों को समान्तर क्रम में जोड़ने पर 500 वॉट का बल्ब अधिक चमकेगा।
  • एक हार्स पावर में 746 वॉट होते हैं।
फ्लेमिंग

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