अंतरिम सरकार


  • 29 जून, 1946 को कैबिनेट मिशन वापस चला गया। प्रान्तीय विधान सभाओं द्वारा चुने गए सदस्यों की एक संविधान सभा बना दी गयी।
  • कैबिनेट मिशन ने अंतरिम सरकार बनाने का आदेश दिया था, अतः वायसराय ने अपनी कार्यपालिका परिषद को विसर्जित कर 14 सदस्यों की अंतरिम सरकार बनाने को कहा।
  • मुस्लिम लीग ने अंतरिम सरकार में शामिल होने से मना कर दिया, किन्तु बाद में वह सरकार में शामिल हो गई।
  • संविधान सभा में कांग्रेस को भारी बहुमत प्राप्त हुआ। अतः जिन्ना के नेतृत्व में लीग ने पाकिस्तान की मांग पुनः शुरू कर दी तथा प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस (16 अगस्त, 1946) मनाया।
  • संविधान सभा 9 सितंबर, 1946 को अपना कार्य आरंभ कर दिया।
  • 24 अगस्त, 1946 को जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में भारत की पहली अंतरिम सरकार की घोषणा हुई तथा 2 सितम्बर, 1946 को अंतरिक सरकार का गठन किया गया, जिसमें लीग की भागीदारी नहीं थी।
  • अंतरिम सरकार मे 5 स्थान मुस्लिम लीग के लिए रिक्त छोड़ दिए गए। नेहरू ने 11 सदस्यों के साथ अपने पद की शपथ ली।
  • 26 अक्टूबर, 1946 को मुस्लिम लीग के 5 प्रतिनिध सरकार में शामिल हुए।
  • 9 दिसंबर, 1946 को दिल्ली में संविधान सभा की पहल बैठक हुई, जिसमें सच्चिदानन्द सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया।
  • 11 दिसम्बर, 1946 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
  • 13 दिसम्बर को जवाहर लाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया।
  • मुस्लिम लीग सरकार में शामिल होने के बावजूद संविधान सभा में शामिल होने से मना कर दिया।
  • कांग्रेस ने लीग के सदस्यों को सरकार में शामिल करने के लिए अपने तीन सदस्यों सैयद अली जहीर, शरतचन्द्र बोस तथा सर शफात अहमद खां से इस्तीफा दिलवाया।


अंतरिम सरकार के सदस्य (कांग्रेस)
मंत्री
विभाग 
जवाहर लाल नेहरू
कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष, राष्ट्रमण्डल व विदेशी मामले
 डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
 खाद्य एवं कृषि
वल्लभ भाई पटेल
गृह, सूचना एवं प्रसारण
सरदार बलदेव सिंह
रक्षा
सी. राजगोपालाचारी
शिक्षा
आसफ अली
 रेलवे 
जॉन मथाई
उद्योग एवं नागरिक आपूर्ति
जगजीवन राम
श्रम
सी.एच. भाभा
बंदरगाह एवं खान
मुस्लिम लीग
जोगेन्द्रनाथ मंडल
विधि
गजनफर अली खां
स्वास्थ्य
लियाकत अली खां 
वित्त
आई. आई. चुन्दरीगर
वाणिज्य
अब्दुलरब निश्तार
संचार

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