राजस्थान का प्रथम पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया था



राजस्थान का प्रथम पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया था-

(A) अमर सागर - जैसलमेर

(B) बीठड़ी - जोधपुर

(C) देवगढ़ - प्रतापगढ़ 

(D) मोहनगढ़ - जैसलमेर

Ans - A


The first wind power plant of Rajasthan was established in-

(A) Amarsagar - Jaisalmer

(B) Bithadi - Jodhpur

(C) Devgarh - Pratapgarh

(D) Mohangarh - Jaisalmer

Ans - A


राजस्थान राज्य की पहली पवन ऊर्जा परियोजना जैसलमेर जिले के अमर सागर में स्थापित की गई थी। जिसकी उत्पादन क्षमता 2 मेगावाट है। 

राजस्थान में पवन ऊर्जा नीति 2012 में तैयार की गई। 

दूसरी पवन ऊर्जा परियोजना - देवगढ़ (प्रतापगढ़) में 

तीसरी पवन ऊर्जा परियोजना - बीठड़ी (लौवी, जोधपुर) में


पवन ऊर्जा नीति तथा राजस्थान पवन एवं हाइब्रिड ऊर्जा नीति


  • पवन ऊर्जा से विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने की नीति 04 फरवरी, 2000 को जारी की गई।
  • पवन ऊर्जा नीति- 2012 को 18 जुलाई, 2012 को जारी की गई।
  • वर्ष 2019-20 में बजट घोषणा के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा राजस्थान पवन एवं हाइब्रिड ऊर्जा नीति-2019, 18 दिसंबर, 2019 को जारी की गई।
  • राज्य में दिसम्बर 2022 तक 4442.145 मेगावाट क्षमता के पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है।
  • नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा स्वीकृत 120 मीटर ऊंचाई पर किये गये अध्ययन के अनुसार राज्य में पवन ऊर्जा की अनुमानित क्षमता 1,27,756 मेगावाट है।
  • राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा स्वयं के 49.75 मेगावाट क्षमता के पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किये गये है। जिनमें से 47.65 मेगावाट क्षमता के पवन ऊर्जा संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य कर रहे हैं।

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