राधाकमल मुखर्जी

 

राधाकमल मुखर्जी


  • प्रथम भारतीय जो समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष बने।
  • लखनऊ में समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष रहे। 
  • 'प्रवासिता का सिध्दान्त' प्रस्तुत किया।
  • सामाजिक संरचना में 'सामाजिक मूल्यों' का अध्ययन करने वाले प्रथम भारतीय विद्वान थे।
  • मूल्य 'सामान्य' व 'वस्तुनिष्ठ' होते हैं ।
  • अर्थशास्त्र में 'संस्थागत सिध्दान्त' प्रतिपादित किया।
  • "सामाजिक पारिस्थितिकी' का सिद्धांत दिया ।
  • 'श्रमिक वर्ग का विश्लेषण किया।
  • 'भारतीय कला' सदैव 'धर्म' से जुड़ी रहती हैं ।
  • सार्वभौम सभ्यता (संस्कृति) की धारणा की चर्चा की।

प्रसिद्ध पुस्तकें:

  • The Rusal Economy of India (1926).
  • The social Structure of Values (1949).
  • The Dynamics of marals (1951).
  • The Dymentions of Human values (1964).
  • The foundation of Indian Economics (1964).
  • The symbolic life of Man.

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