भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित चर्चित षड़यंत्र

पेशावर षड़यंत्र



पेशावर षड़यंत्र-

वर्ष 1922-24, सोवियत संघ से भारत आने वाले साम्यवादियों के दल को सम्राट के दल को सम्राट के विरूद्ध षड़यंत्र रचने के बाद अपराध में बंदी बनाया गया। पेशावर में मुकदमे चलाकर इन क्रांतिकारियों को लंबी सजाएं दी गई।

कानपुर षड़यंत्र-

1924 में कम्युनिष्ट नेता श्रीपाद अमृत डांगे, मुजफ्फर अहमद, मालिनी गुप्त और शौकत उस्मानी आदि को कानपुर मेंगिरफ्तार कर कानपुर षड़यंत्र के तहत चले मुकदमें में 4 वर्ष का कारावास दिया।

मेरठ षड़यंत्र -

1929 में सरकार ने 32 ऐसे व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जिनमें क्रांतिकारी, राजनीति व ट्रेड यूनियन से जुड़े लोग और तीन अंग्रेज कम्युनिस्ट शामिल थे। इन पर मेरठ षड़यंत्र के तहत साढ़े तीन साल तक मुकदमा चला। अभियुक्तों की तरफ से जवाहर लाल नेहरू, कैलाशनाथ काटजू, डॉ एफ एच अंसारी आदि ने पैरवी की।

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