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Sunday, December 16, 2018

अंतर्दर्शन विधि

आत्मनिष्ठ या व्यक्तिनिष्ठ -

1. आत्मकथा या अर्न्तदर्शन विधि:-
  • विलियम वुण्ट व शिष्य टिचनर इसके प्रवर्तक है।
  • यह एक प्राचीनतम विधि है।
  • यह एक मनोवैज्ञानिक विधि नहीं है इसके कारण इनका वर्तमान समय में उपयोग नही किया जाता हैं।
व्यक्ति इतिहास विधि/जीवनकृत विधि/ केस स्टेडी विधि:-
  • टाइडमैन इसके प्रवर्तक है।
  • निदानात्मक अध्ययनों की सर्वश्रेष्ठ विधि हैं।
  • असामान्य बालकों के निदान की सर्वश्रेष्ठ विधि हैं।
  • समस्या के कारण को जानना निदान कहलाता हैं।
  • जो मनोविज्ञान की सहायता से किया जाता है तथा कारण को द ूर करना उपचार कहलता है जो शिक्षा की सहायता से किया जाता है।
  • बिना निदान के उपचार सम्भव नही हैं।
प्रश्नावली विधि:-
  • वुडवर्थ द्वारा
  • प्रश्नावली में आमने-सामने होना जरूरी नही होता और उत्तर के रूप में विकल्प होते हैं।
साक्षात्कार विधि:-
  • साक्षात्कार विधि का प्रारम्भ अमेरिका में हुआ।
  • साक्षात्कार में आमने-सामने होना जरूरी नहीं होता है।
  • इसमें प्रश्नों का कोई बंधन नही होता है व ना ही समय पर।
  • साक्षात्कार वार्तालाप का एक रूप माना जाता है।

वस्तुनिष्ठ विधियां:-

निरीक्षण विधि या बहिदर्शन विधि:-
  • वाटसन इसके प्रवर्तक हैं।
  • इस विधि में सामने वाले व्यक्ति के व्यवहार का भिन्न-भिन्न परिस्थितियों का अध्ययन किया जाता है और निष्कर्ष निकाला जाता है कि विषयी का व्यक्तित्व कैसा हैं।
समाजमिति विधि:-
  • प्रवर्तक - जे.एल. मोरेना
  • इस विधि में व्यक्ति की सामाजिकता के बारे में समाज के व्यक्तियों से जानकारी लेकर निष्कर्ष निकाला जाता हैं कि विषयी का व्यक्तित्व कैसा हैं।

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